छत्तीसगढ़ में इस वर्ष के अंत तक विधान सभा चुनाव होना है जहां पर वर्तमान में कांग्रेस की सरकार है और भूपेश बघेल राज्य के मुख्यमंत्री है। भाजपा इस साल होने वाले विधान सभा चुनाव में छत्तीसगढ़ और राजस्थान, दोनों ही राज्यों की कांग्रेस सरकारों को हरा कर सत्ता से बाहर करने का मंसूबा रखती है और इसके लिए जोर-शोर से तैयारी भी कर रही है।
कर्नाटक चुनाव में जोर-शोर से जारी चुनाव प्रचार के बीच भाजपा ने कर्नाटक से ही छत्तीसगढ़ को भी साधने की कोशिश शुरू कर दी है। भाजपा लगातार यह आरोप लगाती रही है कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ को भ्रष्टाचार के लिए एटीएम की तरह इस्तेमाल कर रही है और इसी तरह का मॉडल कर्नाटक में भी लागू करना चाहती है।
कार्यालय भ्रष्टाचार के लिए एक नोडल केंद्र बन गया
भाजपा ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक बार फिर कर्नाटक के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के मतदाताओं को भी राजनीतिक संदेश देते हुए यह कहा है कि, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री कार्यालय भ्रष्टाचार के लिए एक नोडल केंद्र बन गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के समर्थन के बिना 2,500 करोड़ से अधिक के ये बड़े घोटाले संभव नहीं थे। मनी ट्रेल की जांच कई सवाल खड़े कर सकती है। इस लूट का सबसे बड़ा लाभार्थी कौन है? क्या पैसे का इस्तेमाल कांग्रेस पार्टी को फंड करने के लिए किया जाता है? क्या मुख्यमंत्री अपना पद बरकरार रखने में इसलिए कामयाब रहे हैं क्योंकि वे केंद्रीय कांग्रेस को फंड देने के लिए लूट के पैसे का इस्तेमाल कर रहे थे?
कांग्रेस पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए
भाजपा ने कर्नाटक की जनता को कांग्रेस के इस छत्तीसगढ़ मॉडल से सावधान रहने की सलाह और भाजपा को वोट देने की अपील करते हुए आगे कहा, बड़ा सवाल यह है कि क्या कांग्रेस छत्तीसगढ़ मॉडल को कर्नाटक में दोहराने और इसे एटीएम के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बना रही है? सावधान कर्नाटक! कांग्रेस पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए।


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