कर्नाटक में कुछ समय पहले हिजाब को लेकर काफी विवाद हुआ था। ये मामला कोर्ट तक भी पहुंच गया था। अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार यानी आज फैसला सुना सकता है। न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ इस मामले में फैसला सुनाने वाली है। पीठ ने 10 दिनों तक मामले में दलीलें सुनने के बाद याचिकाकर्ता के पास फैसला सुरक्षित रख लिया था।
विभिन्न याचिकाकर्ताओं ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
बता दे कि मामले में याचिकाकर्ता की ओर से 21 वकीलों और सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज, कर्नाटक के महाधिवक्ता प्रभुलिंग नवदगी ने पक्ष रखा। जिसमें शैक्षणिक संस्थानों को संस्थानों में ड्रेस कोर्ड निर्धारित करने के निर्देश देने के कर्नाटक सरकार के फैसले को माना गया था।विभिन्न याचिकाकर्ताओं ने कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
मामला उडुपी के पीयू कॉलेज का था
ये मामला इस साल जनवरी में उडुपी के पीयू कॉलेज ने पहनने वाली छह लड़कियों को कॉलेज में प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई थी। जिसके बाद छात्राएं कॉलेज के बाहर ही धरना देकर बैठ गई। इसके बाद तो मामला इस कदर भड़क गया कि पुलिस भी इस मामले में कुछ नहीं कर पाई। उडुपी के कई कॉलेजों के लड़के भी भगवा स्कार्फ पहनकर क्लास अटेंड करने लगे। यह विरोध इतना ज्यादा बढ़ गया कि राज्य के कई हिस्सों में फैल गया और इसके बाद कर्नाटक में कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गए थे। मामला कई दिनों तक इतना ज्यादा गरमाया हुआ था कि विरोध प्रदर्शन रुक ही नहीं रहा था।


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