केरल सरकार ने HC से कहा- वैक्सीन लगाने में असमर्थ लोगों को आवश्यक काम के लिए बाहर जाने की दें अनुमति

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केरल हाई कोर्ट को राज्य सरकार ने बुधवार को बताया कि जिन लोगों को अभी तक कोविड-19 रोधी टीके नहीं लगे हैं या दवा से एलर्जी या किसी अन्य बीमारी के कारण टीके नहीं ले पाए हैं, घरों से बाहर जा सकते हैं।

केरल हाई कोर्ट को राज्य सरकार ने बुधवार को बताया कि जिन लोगों को अभी तक कोविड-19 रोधी टीके नहीं लगे हैं या दवा से एलर्जी या किसी अन्य बीमारी के कारण टीके नहीं ले पाए हैं, वे किराने सहित खाद्यय पदार्थ खरीदने जैसे आवश्यक कार्यो के लिए घरों से बाहर जा सकते हैं बशर्ते उनके घर में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसे टीका लगा हो या जिसके पास संक्रमित नहीं होने की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट हो।
केरल सरकार ने न्यायमूर्ति पीबी सुरेश कुमार का बताया कि 10 अगस्त को जारी किए गए कोविड-19 संबंधी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अकेले रहने वाले लोग, जिन्हें टीके नहीं लगे हैं और जिनके पास संक्रमित नहीं होने की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट भी नहीं है वे आवश्यक काम के लिए घर से बाहर निकल सकते हैं।
केरल सरकार ने एक व्यक्ति की उस याचिका के जवाब में यह बात कही, जिसमें दावा किया गया था कि टीके की एक खुराक भी ना ली होने पर या संक्रमित ना होने की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट नहीं होने पर किसी को घर ने बाहर ना निकलने देना नजरबंद करने के बराबर है।
याचिकाकर्ता के वकील को भी दवा से एलर्जी है और उन्होंने दलील दी थी टीके की खुराक का किसी प्रकार की एलर्जी पर क्या असर होगा इसकी जांच होने तक वह टीका नहीं लगवा सकते। वकील ने यह भी दावा किया कि जिला चिकित्सा अधिकारी और यहां तक कि निजी अस्पताल भी यह कहते हुए खुराक देने से इनकार कर रहे हैं कि उनके पास इसके बारे में कोई निर्देश नहीं है।
केरल सरकार के वकील ने कहा कि अगर याचिककर्ता प्राधिकरण के समक्ष अपनी समस्या रखेंगे, तो वे इसका समाधान जरूर करेंगे। अदालत ने केरल सरकार की ओर से दाखिल किए प्रतिवेदन पर गौर करते कहा कि वह याचिका का निपटारा करेगी।

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