भाजपा नेता किरीट सोमैया ने शुक्रवार को कहा कि वह शहर के एक मॉल में स्थित अस्पताल में आग लगने के संबंध में बीएमसी के खिलाफ आपराधिक लापरवाही की शिकायत दर्ज कराएंगे। इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई तथा 70 अन्य को सुरक्षित बचाया गया। इस अस्पताल में कोविड-19 के मरीजों का इलाज चल रहा था।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने भी यह पूछा है कि एक कोविड-19 केंद्र को मॉल में स्थापित करने की अनुमति कैसे दी गई। पुलिस ने बताया कि भांडुप इलाके में स्थित ड्रीम्स मॉल इमारत में सनराइज अस्पताल में आधी रात के कुछ देर बाद आग लग गई। यह अस्पताल चार मंजिला मॉल की सबसे ऊपरी मंजिल पर स्थित है और जब आग लगी तो उस समय 76 मरीज मौजूद थे जिनमें से ज्यादातर कोविड-19 का इलाज करा रहे थे।
सोमैया ने कहा कि यह मॉल ‘‘भ्रष्टाचार का साक्षात उदाहरण’’ है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘मैं बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के खिलाफ आपराधिक लापरवाही की शिकायत दर्ज कराने जा रहा हूं। इस मॉल के खिलाफ कई शिकायतें की गई लेकिन उसके मालिकों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई।’’
मनसे महासचिव संदीप देशपांडे ने दावा किया कि इस मॉल ने अभी तक ‘ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट’ (ओसी) नहीं लिया था और इसकी अग्नि सुरक्षा संबंधी जांच भी अभी पूरी नहीं हुई थी। उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘मॉल बीएमसी से ओसी मिले बिना चल रहा था। अग्नि सुरक्षा संबंधी जांच भी पूरी नहीं हुई क्योंकि वहां उपलब्ध अग्निशमक प्रणाली असंतोषजनक थी इसलिए दमकल विभाग ने इसे मंजूरी नहीं दी थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हैरानी है इसके बावजूद इस मॉल को कोविड-19 केंद्र बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया। इस मॉल में कोरोना वायरस मरीजों के इलाज की मंजूरी देने के लिए स्थानीय वार्ड अधिकारी से पूछताछ और जांच होनी चाहिए।’’
गौरतलब है कि बीएमसी का शासन शिवसेना के हाथ में है।


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