जानें कौन है छत्तीसगढ़ के नए गवर्नर विश्व भूषण हरिचंदन

Summary :

बिस्वा भूषण हरिचंदन की बात करें तो उनका जन्म एक स्वतंत्रता सेनानी के घर में 3 अगस्त 1934 में हुआ। उनके पिता परशुराम हरिचंदन ओड़िशा के बड़े साहित्यकार है। बिस्वा भूषण का जन्म ओड़िशा के खोरधा जिले में हुआ था।इसके साथ ही विश्व भूषण हरिचंदन ओडिशा से बीजेपी के सीनियर नेताओं में से एक हैं। विश्व भूषण हरिंचदन ने अपना राजनीतिक करियर 1971 में शुरू किया था।

महारष्ट्र के उपराज्यपाल के विवादित बयान को लेकर लगातार उनके इस्तिफे की मांग की जा रही थी। जिससे भगत सिंह खुद भी परेशान थे उन्होंने अमित शाह को लेटर लिखकर अपने इस्तीफे की पेशकश की थी। उन्होंने पिछले साल ये लेटर शाह को दिया था और अब उनके इस्तीफे को राष्ट्रपती द्रौपदी मूर्मू ने स्वीकार कर लिया है। बता दे कई दिनों से शिवसेना भी भगत  सिंह के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। इसके साथ ही बारह राज्यपालों को भी बदला गया है। राष्ट्रपति कार्यालय ने इसकी अधिसूचना जारी की है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आदेश से आंध्र प्रदेश के गवर्नर विश्व भूषण हरिंचदन को वहां से हटाकर छत्तीसगढ़ का नया राज्यपाल बनाया गया है।  इसके साथ ही  छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके को अब मणिपुर का राज्यपाल बनाया गया है। दरअसल विश्व भूषण हरिंचदन आंध्रप्रदेश के 4 साल से राज्यपाल रह चुके हैं। बता दें कि बिस्वा भूषण ओड़िशा से ताल्लुक रखते हैं.जोकि ओड़िशा छत्तीसगढ़ का पड़ोसी प्रदेश है। 
स्वतंत्रता सेनानी परिवार से है भूषण हरिचंदन
बिस्वा भूषण हरिचंदन की बात करें तो उनका जन्म एक स्वतंत्रता सेनानी के घर में 3 अगस्त 1934 में हुआ। उनके पिता परशुराम हरिचंदन ओड़िशा के बड़े साहित्यकार है।  बिस्वा भूषण का जन्म ओड़िशा के खोरधा जिले में हुआ था।इसके साथ ही  विश्व भूषण हरिचंदन ओडिशा से बीजेपी के सीनियर नेताओं में से एक हैं। विश्व भूषण हरिंचदन ने अपना राजनीतिक करियर 1971 में शुरू किया था। वो भारतीय जनसंघ से भी जुड़े रहे। साल 1977 में जनता पार्टी के गठन तक वो जनसंघ के आंध्र महाचिव रहे थे। इसके अलावा वह संघ के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य भी रह चुके हैं। 
लंबे समय से राजनीति में रहे है भूषण हरिचंदन
वहीं, बिस्वा भूषण हरिचंदन आंध्र प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष का पद भी संभाल चुकें है. उनका कार्यकाल साल 1980 से 1988 तक रहा था. इसके बाद साल 2004 में आंध्र प्रदेश की बीजेडी और बीजेपी गठबंधन सरकार में कैबिनेट मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
पांच बार रह चुके है विधायक
इसके अलावा 13 साल तक यानी 1996 से 2009 तक ओड़िशा विधानसभा में बीजेपी विधायक दल के नेता भी रहे हैं। हालांकि अबतक बिस्वा ओडिशा में 5 बार विधानसभा के चुने जा चुके हैं।

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