असम में कांग्रेस नीत विपक्षी पार्टियों के महागठबंधन ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग को एक ज्ञापन सौंप कर दो मई को होने वाली मतगणना में उससे पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बरतने का अनुरोध किया। महाजोत (महागठबंधन) ने आयोग से सभी निर्वाचन अधिकारियों को सभी उम्मीदवारों को पड़े वोटों की गिनती में शामिल अधिकारियों का मेज(टेबल)-वार विवरण तैयार करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया है।
महागठबंधन में कांग्रेस, एआईयूडीएफ, बीपीएफ, माकपा, भाकपा (माओवादी लेनिनवादी) लिबरेशन, राजद, आंचलिक गण मोर्चा, आदिवासी नेशनल पार्टी और जीमाचयान पीपुल्स पार्टी शामिल हैं।
इन पार्टियों ने यह मांग की है कि निर्वाचन अधिकारियों को मतगणना में उपयोग की जाने वाली मेजों और ‘स्ट्रॉंग रूम’ (मतदान के बाद जहां ईवीएम रखी जाती हैं) से मतगणना कक्ष तक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को लाने की प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने की मांग की है।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के अधिकृत एजेंटों को स्ट्रॉंग रूम खोले जाने के बाद और मतगणना पूरी होने तक वहां रहने देने का अनुरोध किया है। पार्टियों ने यह मांग भी की है कि निर्वाचन अधिकारियों को सभी उम्मीदवारों के बारे में यह विवरण तैयार करने का निर्देश दिया जाए कि कितने डाक मतपत्र जारी किये गये थे, अब तक कितने प्राप्त हुए हैं, कितने अनुपस्थित मतदाता और उनके वोट हैं, कितनी चुनावी ड्यूटी प्रमाणपत्र जारी किये गये और प्राप्त हुए।
उन्होंने आयोग से सभी निर्वाचन अधिकारियों को यह निर्देश देने का अनुरोध किया है कि जब तक एक दौर की मतगणना पूरी नहीं हो जाए, अगले दौर की मतगणना शुरू नहीं जाए। ज्ञापन की एक प्रति असम के मुख्य चुनाव अधिकारी नितिन खाडे को गुवाहाटी में सौंपी गई। राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 27 मार्च, एक अप्रैल और छह अप्रैल को तीन चरणों में चुनाव हुए थे।


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