MP : किसान आंदोलन के जवाब में मैदान में उतरेगी BJP, कृषि कानूनों की बताएगी हकीकत

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मध्य प्रदेश के किसानों ने भी दिल्ली की ओर कूच किया है, वहीं भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों का भोपाल के नीलम पार्क में धरना जारी है।

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन की सुगबुगाहट अब मध्य प्रदेश में तेज होने लगी है। भोपाल में भी केंद्र सरकार के इन कानूनों के खिलाफ आंदोलन चल रहा है तो केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के संसदीय क्षेत्र मुरैना से दिल्ली के लिए पैदल मार्च शुरु होने वाला है। 
इसी बीच बीजेपी ने भी किसानों के बीच जाकर कानूनों की हकीकत बताने का फैसला लिया है। इसी क्रम में बीजेपी द्वारा जनजागरण अभियान के साथ किसान सम्मेलनों के आयोजन का फैसला लिया है। देश के विभिन्न हिस्सों के किसान केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत हैं, हजारों किसानों का दिल्ली की ओर जाने वाले रास्तों पर डेरा है। 
मध्य प्रदेश के किसानों ने भी दिल्ली की ओर कूच किया है, वहीं भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों का भोपाल के नीलम पार्क में धरना जारी है। इस आंदोलन में शामिल किसानों ने प्रदर्शन के अनोखे तरीके अपनाए हैं। इन किसानों ने घुटनों के बल चल कर प्रदर्शन किया था तो शनिवार को उन्होंने साष्टांग (सड़क पर लेटकर) मार्च किया। 

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भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष अनिल यादव का कहना है कि सरकार को सद्बुद्धि मिले, इसीलिए उन्होंने राजधानी के नीलम पार्क से काली जी के मंदिर तक साष्टांग मार्च किया। नीलम पार्क में धरना बीते सात दिनों से जारी है। वहीं एकता परिषद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के संसदीय क्षेत्र मुरैना से 17 दिसंबर को दिल्ली के लिए पैदल मार्च शुरु करने वाली है। 
इसकी अगुवाई सामाजिक कार्यकर्ता पी.वी. राजगोपाल करेंगे। एक तरफ जहां किसानों के समर्थन में लामबंदी जारी है तो दूसरी ओर बीजेपी ने भी किसानों को केंद्र सरकार के कानूनों की हकीकत बताने के लिए जनजागरण अभियान चलाने का फैसला लिया है। बीजेपी प्रदेश में जनजागरण अभियान के तहत 15 एवं 16 दिसंबर को संभाग केन्द्रों पर किसान सम्मेलन आयोजित होंगे। 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा सहित केन्द्रीय मंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी सम्मेलनों को संबोधित करेंगे। जिसके साथ ही जनजागरण अभियान एवं व्यापक जनसंपर्क अभियान के माध्यम से किसानों को कृषि कानून के लाभ एवं विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर किया जाएगा। 

Desk Team