मध्य प्रदेश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान जांच के लिए सैंपल ले जाने और रेमडेसिविर इंजेक्शन आदि लाने के काम में लगे विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की जांच के बाद पायलट और उसके सहयोगी को सरकार की ओर से जारी किए गए वसूली नेाटिस पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।
ज्ञात हो कि पिछले साल सात मई 2021 को ग्वालियर एयरपोर्ट पर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह विमान अहमदाबाद से रेमडेसिविर इंजेक्शन लेकर ग्वालियर आया था। इस हादसे में विमान को काफी नुकसान हुआ था, साथ ही पायलट माजिद अख्तर और उनके सहायक पायलट शिव जायसवाल भी घायल हुए थे। इस हादसे की सरकार ने जांच कराई और इसके लिए पायलट और उसके साथी को दोषी पाया गया है।
इसके आधार पर उन्हें वसूली नोटिस भी जारी किया है। सरकार के कदम पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वय नरेंद्र सलूजा ने आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि बड़े आश्चर्य की बात है जब कोई भी व्यक्ति बगैर बीमा के अपना छोटा से छोटा वाहन तक सड़क पर नहीं लाता तो 62 करोड़ कीमत का यह विमान कैसे बगैर बीमे के उड़ान भर रहा था।
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सरकार की ओर से जारी किए गए नोटिस पर सलूजा ने कहा, सरकार ने 85 करोड़ वसूली का नोटिस उस पायलट को थमाया है , जिस पायलट ने कोरोना काल में कोरोना वारियर्स के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। चाहे सैंपल की बात हो या रेमडेसिविर इंजेक्शन पहुंचाने की बात तो, जिस पायलट के कामों की कोरोना वारियर्स के रूप में सराहना हुई हो, उसको दुर्घटना का दोषी मानकर 85 करोड़ की वसूली का नोटिस थमाना समझ से परे है, क्योंकि विमानन विभाग तो खुद मुख्यमंत्री शिवराज के पास है तो उस हिसाब से यह यह नोटिस तो खुद मुख्यमंत्री शिवराज व विभाग के प्रमुख सचिव को भेजा जाना चाहिए था।


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