कांग्रेस विधायक हिना कांवरे को मध्य प्रदेश विधानसभा का उपाध्यक्ष चुन लिया गया। विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाए और हंगामा किया। विधानसभा अध्यक्ष एन पी प्रजापति ने विपक्षी दल के हंगामे के बीच गुरुवार को हिना कांवरे के प्रस्ताव पढ़े गए। भाजपा ने भी अपने उम्मीदवार जगदीश देवड़ा का प्रस्ताव भी स्वीकार करने की मांग की, लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो भाजपा विधायकों ने हंगामा किया।
हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित की गई। कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो विपक्षी दल ने हंगामा किया, इसी दौरान अध्यक्ष प्रजापति ने हिना कांवरे को उपाध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया। भाजपा ने विधानसभा अध्यक्ष पर अलोकतांत्रिक तरीका अपनाने का आरोप लगाया, सदन में जमकर हंगामा किया। इस तरह विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष कांग्रेस से हो गए हैं।
भाजपा ने जगदीश देवड़ा को उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन उनका प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया। गौरतलब है कि विधानसभा का अध्यक्ष भी इसी प्रक्रिया के तहत चुना गया था। राज्य में विधानसभा अध्यक्ष का लगभग पांच दशक बाद चुनाव हुआ और कांग्रेस के एन पी प्रजापति को अध्यक्ष चुना गया। आमतौर पर राज्य विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव आम सहमति से और उपाध्यक्ष का पद विपक्ष के विधायक को दिए जाने की परंपरा रही है। इस बार विधानसभा अध्यक्ष को लेकर खींचतान हुई और अब उपाध्यक्ष को भी लेकर हंगामा हुआ है।


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