मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के खिलाफ जनजागृति अभियान जारी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समाज के विभिन्न वर्गों से संवाद कर रहे है। साथ ही उन्होंने कोरोना वॉलेंटियर्स को परिचय-पत्र दिए जाने की बात कही है। चौहान ने स्वास्थ्य आग्रह के दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न जिलों के समाज-सेवियों से चर्चा की।
उन्होंने कहा है कि कोरोना वॉलेंटियर्स को जिला प्रशासन द्वारा परिचय- पत्र जारी किए जाएंगे। कोरोना संक्रमण को रोकने में स्व-प्रेरणा से बने कोरोना स्वयं-सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें रोको टोको अभियान तथा अन्य गतिविधियों में इस परिचय-पत्र से मदद मिलेगी। चौहान ने कहा कि लॉकडाउन सीमित अवधि का ही रखा जायेगा। जिला स्तर पर यदि रविवार के साथ शनिवार का लॉकडाउन रखने की आवश्यकता हो, तो इस संबंध में आपदा प्रबंधन समूह जिला स्तर पर निर्णय ले सकता है।
ग्रामीण क्षेत्र में राज्य के बाहर से आ रहे व्यक्तियों के स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यकता होने पर उन्हें आईसोलेशन में रखने की व्यवस्था की जाये। भोपाल की आवाज संस्था की रोली शिवहरे ने कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से यमराज और चित्रगुप्त के रूप में सड़कों और चौराहों पर मास्क लगाने के लिए रोको-टोको अभियान चलाया गया।
न्यू मार्केट व्यापारी संघ के अध्यक्ष सतीष गंगराड़े ने कोरोना काल में वंचित समुदायों को खाद्यान्न वितरण, निशुल्क मास्क और सेनेटाइजर वितरण तथा न्यू मार्केट में साफ-सफाई के लिए की गई डस्टबिन व्यवस्था की जानकारी दी। विदिशा के सामाजिक कार्यकर्ता श्रवण व्यास ने कहा कि बैंकों में भीड़ बढ़ रही है। अतरू संक्रमण नियंत्रण के लिए आवश्यक व्यवस्था के निर्देश दिये जाने चाहिए। कुंभ से गाँवों में लौट रहे लोगों से संक्रमण फैलने की संभावना और उसके नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाय करने का सुझाव भी रखा गया।
स्वामी विवेकानन्द विश्वविद्यालय, सागर के कुलपति डॉ. अरविंद तिवारी ने कहा कि कोरोना से प्रभावित व्यक्तियों के लिए घर में ही ऑक्सीजन व्यवस्था और डॉक्टर की सलाह के अनुसार मेडिकल किट उपलब्ध कराकर होम आइसोलेशन व्यवस्था को और सु²ढ़ किया जा सकता है। सागर ट्रक एसोसिएशन तथा सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व कर रहे प्रबिंदर सिंह दुग्गल ने कहा कि कोरोना संक्रमण से भय के कारण कोरोना से प्रभावित व्यक्तियों की मदद करने लोग आगे नहीं आते हैं।
इस संबंध में भ्रांतियों को दूर करना और सावधानियों को अपनाते हुए पीड़ित व्यक्ति की मदद की जा सकती है, इस संबंध में जानकारियाँ व्यापक रूप से दी जानी चाहिए। छतरपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. सुभाष चौबे ने जानकारी दी कि छतरपुर के समस्त चिकित्सकों ने एक मत से यह निर्णय लिया है कि कोविड काल में कोई भी चिकित्सक अपना क्लीनिक बंद नहीं करेगा।


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