कौन हैं जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन, जो हिन्‍दुओं के हक में फैसला देकर घिरे; DMK महाभियोग लाने की कर रही है तैयारी?

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Madras High Court News: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर उथल-पुथल देखने को मिल रही है। मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन के एक फैसले को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मामले में DMK द्रविड़ मुनेत्र कड़गम अब उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में जुटी है। इंडिया गठबंधन ने नेताओं ने 9 नवंबर को संसद भवन के भीतर लोकसभा स्पीकर को हाई कोर्ट के जज जी आर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस सौंपा। Impeachment Notice to Speaker: स्वामीनाथन ने आदेश में क्या कहा था? बता दें कि यह प्रस्ताव मद्रास हाई कोर्ट…

Madras High Court News: तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर उथल-पुथल देखने को मिल रही है। मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन के एक फैसले को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस मामले में DMK द्रविड़ मुनेत्र कड़गम अब उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी में जुटी है। इंडिया गठबंधन ने नेताओं ने 9 नवंबर को संसद भवन के भीतर लोकसभा स्पीकर को हाई कोर्ट के जज जी आर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस सौंपा।

Impeachment Notice to Speaker: स्वामीनाथन ने आदेश में क्या कहा था?

बता दें कि यह प्रस्ताव मद्रास हाई कोर्ट के जज जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन के उस आदेश के खिलाफ है जिसमें उन्होंने सुब्रमण्य स्वामी मंदिर के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि एक दरगाह के पास दीपस्तंभ पर दीपक जलाया जाए। अगर प्रस्ताव स्वीकार हो जाता है, तो तीन सदस्यों की एक कमेटी इसकी जांच करेगी। इसके बाद, दोनों सदनों को विशेष बहुमत से इसे प्रस्ताव पास करना होगा।

Justice GR Swaminathan: क्या है पूरा मामला?

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Justice GR Swaminathan

इंडिया ब्लॉक के सांसद मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै पीठ के जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की योजना बना रहे हैं। यह कदम जस्टिस स्वामीनाथन द्वारा सुब्रमण्यम स्वामी मंदिर के अधिकारियों को यह निर्देश देने के बाद उठाया गया कि एक दरगाह के पास दीपदान (स्तंभ) पर दीप जलाए जाएँ।

कैसे लाया जाता है महाभियोग?

सीपीआई(एम) के सु. वेंकटेशन ने बताया कि वे सांसदों के हस्ताक्षर जुटा रहे हैं और कल (9 दिसंबर, 2025) इसे संसद में पेश करेंगे। ध्यान रहे कि लोकसभा में 100 या राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी हैं। प्रस्ताव स्वीकार होने पर तीन-सदस्यीय समिति इसकी जांच करेगी। जांच के बाद, दोनों सदनों को विशेष बहुमत से इसे पारित करना होता है और अंततः राष्ट्रपति द्वारा निष्कासन आदेश जारी किया जाता है। हालांकि, भारत में अभी तक किसी भी न्यायाधीश पर सफल महाभियोग नहीं हुआ है।

DMK महाभियोग क्यों लाना चाहती है?

डीएमके नेताओं का आरोप है कि जस्टिस स्वामीनाथन की कुछ टिप्पणियां न्यायिक सीमा से बाहर जाती हैं और राजनीतिक स्वर जैसी प्रतीत होती हैं। इसी आधार पर पार्टी संविधान के अनुच्छेद 124(4) के तहत महाभियोग प्रस्ताव पर विचार कर रही है। यह प्रक्रिया बेहद जटिल और दुर्लभ मानी जाती है।

Madras High Court News: कौन हैं जस्टिस स्वामीनाथन?

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जस्टिस स्वामीनाथन का जन्म 1968 में तिरुवरुर में हुआ। उन्होंने 1991 में वकालत शुरू की और 1997 में पुडुचेरी में प्रैक्टिस की। 2004 में वे मद्रास हाई कोर्ट, मदुरै बेंच में प्रैक्टिस करने लगे। उन्हें 28 जून 2017 को मद्रास हाई कोर्ट का अतिरिक्त जज और अप्रैल 2019 में स्थायी जज नियुक्त किया गया। वे 31 मार्च 2030 को सेवानिवृत्त होंगे। जस्टिस जी.आर. (गोविंदराजुलु रामास्वामी) अपने तेज टिप्पणी, सख्त आदेश और सामाजिक मुद्दों पर स्पष्ट रुख के लिए जाने जाते हैं।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।