महाराष्ट्र सरकार ने पुणे में हाल में एल्गार परिषद के कार्यक्रम में कथित आपत्तिजनक भाषणों का पता लगाने के लिए सभी भाषणों की जांच करने का फैसला किया है। जांच के बाद सरकार इस संबंध में कदम उठाएगी। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।
इस सम्मेलन का आयोजन शनिवार को हुआ था और इसमें हिस्सा लेने वालों में प्रख्यात लेखिका अरुंधति रॉय, पूर्व आईपीएस अधिकारी एस एम मुशरिफ, बॉम्बे हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी जी कोल्से पाटिल और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का पूर्व छात्र शरजील उस्मानी शामिल हैं।
पुणे में दिसंबर, 2017 में एल्गार परिषद के कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर उकसाने वाला भाषण देने के मामले में वाम की तरफ झुकाव रखने वाले कई कार्यकर्ताओं को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था।
दो दिन पहले आयोजित इस कार्यक्रम में कथित आपत्तिजनक भाषणों के संबंध में संवाददाताओं के एक सवाल के जवाब में अनिल देशमुख ने कहा, ‘‘हमने एल्गार परिषद के कार्यक्रम के दौरान दिए गए सभी भाषणों का वीडियो मांगा है। हमें इसकी जांच करनी होगी कि उसमें कुछ आपत्तिजनक है या नहीं और उसके अनुसार ही फिर कदम उठाए जाएंगे।’’


Download Android App
Download iOS App



