विवादित बयान के चलते महाराष्ट्र के गवर्नर कोश्यारी ने दिया इस्तिफा, 13 राज्यों के राज्यपाल भी बदले

Summary :

महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी जो पिछले साल से ही केंद्रीय मंत्री अमित शाह से इस्तिफा देने की मांग कर रहे है। उन्होंने चिठ्ठी लिखकर अपने पद से इस्तिफा देने की इच्छा जाहिर की थी। जिसके बाद आखिरकार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इसके साथ ही 12 राज्यों के राज्यपालों को बदला गया है।

महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी जो पिछले साल से ही केंद्रीय मंत्री अमित शाह से इस्तिफा देने की मांग कर रहे है। उन्होंने चिठ्ठी लिखकर अपने पद से इस्तिफा देने की इच्छा जाहिर की थी। जिसके बाद आखिरकार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इसके साथ ही 12 राज्यों  के राज्यपालों को बदला गया है। 
 छत्रपति शिवाजी महाराज पर दिया था बयान
बीते दिनों भगत सिंह कोशियारी ने छत्रपति शिवाजी महाराज पर बयान दिया था। अपने इस बयान के बाद वो विवादों में घिर गए थे। इसके बाद ही उन्होंने इस्तीफे की मांग की थी। कोश्यारी को लेकर बात करे तो  19 नवंबर को औरंगाबाद में एक यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में शिवाजी को पुराने दिनों का आइकॉन कहा जाता है।
नितिन गडकरी को नए जामने का आइकन कहने पर विरोध
 एक कार्यक्रम में एसा कहा गया था। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता नितिन गडकरी और NCP प्रमुख शरद पवार भी मौजूद थे। उन्होंने भरी सभा में बाबासाहेब आंबेडकर और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को नए जामने का आइकन बताया था। इस बयान के बाद विपक्ष के नेता उन पर हमलावर हो गए और उनका इस्तीफा मांगने लगे। बात दें भाजपा के समर्थन से महाराष्ट्र में सरकार बना चुके शिंदे गुट ने भी कोश्यारी के बयान का विरोध किया था। 
पहले भी विवादित बयान दे चुके हैं कोश्यारी
 बता दें उपराज्यपाल पहले भी महाराष्ट्र को लेकर इस तरह के बयान दे चुके हैं। कुछ समय पहले उन्होंने कहा था कि गुजराती और राजस्थानी कारोबारियों के चलते महाराष्ट्र में पैसा आया है। उन्होंने कहा था कि अगर मुंबई से गुजरातियों और राजस्थानियों को हटा दिया जाए तो शहर के पास न तो पैसे बचेंगे और ना आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। हालांकि उन्होंने इस पर माफी मांग ली थी।  
इस्तिफे के लिए शाह को लिखी थी चिट्ठी
उनके इस बयान के लगातार विरोध होत रहे है  NCP ने भी पुणे में उनका पुतला बनाकर प्रदर्शन किया था। NCP नेता प्रशांत जगपात ने कहा था कि केंद्र सरकार शिवाजी से प्रेम करने वालों की परीक्षा ले रही है। अगर अगले दो दिनों में राज्यपाल का तबादला नहीं हुआ तो महाराष्ट्र के लोग कड़ा विरोध करेंगे। इन सबके चलते उनका इस्तिफा तय माना जा रहा था। उन्होंने अपनी चिठ्ठी में अमित शाह को  लिखे पत्र में कहा था की कुछ लोगों ने मेरी बात को गलत तरीके से  लिया अगर मेरी हकीकत में गलती होती तो मैं माफी मांगने से नहीं हिचकूंगा । इसके बाद उन्होंने इस्तिफा दे दिया। 

Desk Team