महाराष्ट्र की सियासत पर देश की नजर टिकी हुई है। अंधेरी (पूर्व) विधानसभा सीट पर उपचुनाव उद्धव ठाकरे की अग्निपरीक्षा है। हालांकि उद्धव के पास कई राजनीतिक दलों का समर्थन है। जिनमें मुख्य रूप से कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया शामिल है। उद्धव को उम्मीद है कि मुस्लिम समुदाय अपना वोट बीजेपी-शिंदे कैंप की जगह उन्हें देगा। इसका कारण कांग्रेस, राकांपा जैसे दलों का उसे समर्थन है।
हालांकि एक समय पर ठाकरे परिवार और मुसलमानों के बीच छत्तीस का आंकड़ा था। उद्धव ठाकरे के पिता और शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे पर कई बार मुसलमानों के खिलाफ हिंसा भड़काने का आरोप भी लगा था। लेकिन मुस्लिम समुदाय भाजपा को हराने के लिए हर चीज को भूलाने के लिए तैयार रहती है, चाहें उनके विरुद्ध कोई कुछ भी करे। 3 नवंबर को होने वाला उपचुनाव उद्धव के नेतृत्व वाली ‘शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे’ (SSUBT) पार्टी और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े के गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला होगा।
शिवसेना विधायक रमेश लटके की विधवा रुतुजा समर्थित एसएसयूबीटी की उम्मीदवार हैं। उनका सामना बीजेपी के मुरजी पटेल से होगा, जिन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट ‘बालासाहेबंची शिवसेना’ का समर्थन प्राप्त है। यह शिंदे समूह का नया है। उद्धव-शिंदे को चुनाव आयोग ने यह नाम तथा चुनाव चिन्ह बीते दिनों दिया था। आयोग ने शिवसेना नाम और उसके चिन्ह को अगले आदेश तक के लिए फ्रीज कर दिया है।


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