केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बृहस्पतिवार को मुंबई की एक विशेष अदालत में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और अन्य के खिलाफ एक आरोपपत्र दाखिल किया। अधिकारियों ने बताया कि मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा देशमुख के खिलाफ लगाये गये 100 करोड़ रुपये के रिश्वतखोरी के आरोपों में जांच के सिलसिले में आरोपपत्र दायर किया गया है।
सीबीआई ने देशमुख और उनके निजी सहयोगियों संजीव पलांडे
एक दिन पहले ही मुंबई की एक विशेष अदालत ने बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की सरकारी गवाह बनने की याचिका को स्वीकार कर लिया था। सीबीआई ने देशमुख और उनके निजी सहयोगियों संजीव पलांडे तथा कुंदन शिंदे के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के प्रावधानों के तहत आरोप दायर किये हैं। पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किए गए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता देशमुख (71) वर्तमान में धनशोधन के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं और शहर की ऑर्थर रोड जेल में बंद हैं। धनशोधन के मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही है।
सहयोगियों पलांडे और शिंदे तथा बर्खास्त पुलिसकर्मी सचिन वाजे को हिरासत में लिया
इस साल अप्रैल में, सीबीआई ने भ्रष्टाचार के मामले की जांच के लिए देशमुख, उनके सहयोगियों पलांडे और शिंदे तथा बर्खास्त पुलिसकर्मी सचिन वाजे को हिरासत में लिया था। मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन गृह मंत्री देशमुख ने पुलिसकर्मियों को शहर के रेस्तराओं और बार से प्रति माह 100 करोड़ रुपये की वसूली करने का निर्देश दिया था। देशमुख ने आरोपों से इनकार किया था लेकिन बंबई उच्च न्यायालय द्वारा सीबीआई को उनके खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिए जाने के बाद उन्हें अपने पद से हटना पड़ा था।


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