रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले (Ramdas Athawale) ने इस बात से शनिवार को इंकार किया कि महाराष्ट्र के राज्यपाल बी एस कोश्यारी (BS Koshyari) का कोरोना वायरस (कोविड-19) पर अधिकारियों के साथ बैठक करना राज्य सरकार को कमतर दिखाना और सत्ता के दो केंद्र होना नहीं है।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और केंद्र की राजग सरकार के सहयोगी आठवले ने कहा कि राज्यपाल के पास इस तरह की बैठक करने का अधिकार है।
महाराष्ट्र में लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाया गया, सीएम ठाकरे ने कहा- कुछ क्षेत्रों में दी जा सकती है ढील
आरपीआई प्रमुख ने किसी का नाम नहीं लिया, वह जाहिर तौर पर राकांपा प्रमुख शरद पवार के बयान का हवाला दे रहे थे जिन्होंने बुधवार को आरोप लगाया था कि कुछ राज्यों के राज्यपाल सीधे नौकरशाही को निर्देश जारी कर रहे हैं।
पवार ने कहा था कि राज्यपालों को मुख्यमंत्री के कार्यालय के माध्यम से निर्देश जारी करना चाहिये। आठवले का यह भी मत था कि देश में महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के सवाधिक मामले हैं ऐसे में प्रदेश में लाकडाउन को 30 अप्रैल तक बढाया जाना चाहिये। उन्होंने बयान जारी कर कहा, राज्यपाल मूर्तिवत नहीं बैठ सकते हैं क्योंकि हम कोरोना वायरस जैसे भीषण संकट का सामना कर रहे हैं । नौकरशाहों के साथ राज्यपाल का बैठक करना मुख्यमंत्री के अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं है ।


Download Android App
Download iOS App



