शिलांग : मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले की एक खदान में 13 दिसंबर से फंसे हुए खनिकों में से एक और शव का पता नौसेना के गोताखोरों ने लगाया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। जिला उपायुक्त एफ एम डोप्थ ने बताया ‘‘ भारतीय नौसेना ने हमें जानकारी दी है कि तड़के तीन बजे एक और शव का पता चला है और यह मुख्य शाफ्ट से 280 फुट दूर है।”
उन्होंने बताया कि शव सड़ चुका है और इसे खदान से बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए नौसेना के रिमोट से संचालित वाहन (आरओवी) का इस्तेमाल किया जाएगा। इस कार्य में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की मदद ली जाएगी। खदान से पहला शव अमिर हुसैन का निकाला गया। हुसैन के शव को उनके परिवारवालों को शनिवार को सौंप दिया गया।
कोयला खदान में फंसे 15 खनिकों में से एक का शव बरामद
नौसेना के जवानों के एक दल ने मेघालय की पूर्वी जयंतिया हिल्स में एक कोयला खदान में फंसे 15 खनिकों में से एक खनिक का शव गुरुवार को बरामद कर लिया। नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि शव को ‘रैट होल’ खदान के मुहाने तक लाया गया। बचाव कार्य जारी है। अधिकारियों ने बताया कि खदान के भीतर शव दिखने के बाद नौसेना के गोताखोर इसे इसके मुहाने तक लाए।
इससे पहले नौसेना खनिकों को खोजने के लिए अंदर पानी में फंसे उपकरण को निकालने में लगी रही। अधिकारियों ने बताया कि नौसेना की पूरे दिन की मेहनत रंग लाई। सोमवार को अभियान खत्म करने से पहले सैन्यकर्मी पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले की 370 फुट गहरी कोयले की खदान से अपना उपकरण निकालने में कामयाब रहे।
इस बचाव अभियान को देश का सबसे लंबा चलने वाला बचाव अभियान बताया जा रहा है। कोयला खदान में 13 दिसम्बर से फंसे 15 खनिकों को बचाने के अभियान में भारतीय नौसेना और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीम काम कर रही हैं भी अपना पूरा योगदान दे रही है।


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