अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला अब राजनीतिक हलकों में भी खूब चर्चा में है और हर पार्टी इस मुद्दे पर अपनी अपनी राय और नजरिया पेश कर रही है। बहुत से नेता अभिनेता की मौत को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने से भी नहीं चूक रहे है। हाल ही में राकांपा नेता माजिद मेमन ने बुधवार को कहा कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अपने जीवनकाल के दौरान उतने प्रसिद्ध नहीं थे, जितने मृत्यु के बाद हुए। उनकी पार्टी राकांपा ने उनकी इस टिप्पणी पर असहमति जताते हुये खुद को इससे अलग कर लिया।
राकांपा ने कहा कि यह मेमन की निजी राय है और पार्टी की नहीं। पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं प्रमुख वकील मेमन ने यह भी कहा कि मीडिया में आजकल भारतीय प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति से अधिक दिवंगत अभिनेता की खबरें चल रही हैं। उनके पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं आने लगीं, तो मेमन ने कहा कि उनकी टिप्पणियों में किसी भी तरह से दिवंगत अभिनेता का अपमान नहीं किया गया है।
Sushant was not as famous during his lifetime as he is after his death. The space in media he is occupying nowadays is perhaps more than our PM or President of US !
— Majeed Memon (@advmajeedmemon) August 12, 2020
यहां बांद्रा इलाके में 14 जून को 34 वर्षीय राजपूत को अपने अपार्टमेंट में फांसी से लटका पाया गया था। मामले को लेकर बिहार और महाराष्ट्र की सरकारों के बीच रस्साकशी चल रही है। महाराष्ट्र इस बात का विरोध कर रहा है कि अभिनेता की मृत्यु मुम्बई में होने से यह मामला बिहार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। मुंबई पुलिस ने अब तक सुशांत की बहनों, उनकी दोस्त और अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और कुछ अन्य फिल्मी हस्तियों सहित 56 लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
मेमन ने ट्वीट किया, ‘‘सुशांत अपने जीवनकाल के दौरान उतने प्रसिद्ध नहीं थे, जितने वह अपनी मृत्यु के बाद हुए। आजकल मीडिया में उनकी जितनी खबरें चल रही हैं, वह शायद हमारे प्रधानमंत्री या अमेरिका के राष्ट्रपति से कहीं अधिक है!’’ मेमन ने कहा कि जब एक अपराध की जांच चल रही होती है तो गोपनीयता बनाए रखनी पड़ती है। महत्वपूर्ण सबूत जुटाने की प्रक्रिया की हर घटनाक्रम को सार्वजनिक करने से सच्चाई और न्याय के हित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
अपनी पोस्ट पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया पर मेमन ने बाद में कहा, ‘‘सुशांत पर मेरी ट्वीट पर बहुत शोर है। क्या इसका मतलब यह है कि सुशांत अपने जीवनकाल के दौरान लोकप्रिय नहीं थे या उन्हें न्याय नहीं मिलना चाहिए? निश्चित रूप से नहीं। गलत व्याख्या से बचना चाहिए। ट्वीट में उनको किसी भी तरह से अपमान नहीं किया गया या उन्हें छोटा नहीं दिखाया गया है।’’
महाराष्ट्र के मंत्री एवं राकांपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि मेमन की टिप्पणी पार्टी के विचार को नहीं दर्शाती है और पार्टी किसी भी तरह से उनके बयान का समर्थन या अनुमोदन नहीं करती है।
The statement made by Majeed Memon on twitter is his personal opinion and not of the NCP. Our party does not endorse or support his statement in any form or manner. He is not a spokesperson of the NCP which must be noted by all.
— Nawab Malik نواب ملک नवाब मलिक (@nawabmalikncp) August 12, 2020
मलिक ने ट्वीट किया, ‘‘ट्विटर पर माजिद मेमन का बयान उनकी निजी राय है, राकांपा की नहीं है। हमारी पार्टी किसी भी तरह उनके बयान का समर्थन या अनुमोदन नहीं करती है। वह राकांपा के प्रवक्ता नहीं हैं, जिस पर सभी को ध्यान देना चाहिए।’’


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