केरल के कई हिस्सों में रविवार को बारिश हुई। यह बारिश राज्य में दक्षिणपश्चिम मानसून के दस्तक देने के एक दिन बाद हुई है। वहीं अरब सागर में निम्न दबाव वाला क्षेत्र बना हुआ है।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो दिनों और उसके बाद यह निम्न दबाव वाला क्षेत्र और गहरा जाएगा और चक्रवात में बदल जाएगा। विभाग ने दूर-दराज क्षेत्रों और लक्षद्वीप समूह में भारी बारिश और तटीय क्षेत्र में तूफान वाले मौसम की आशंका जताई है। विभाग ने मछुआरों को 13 जून तक मछली पकड़ने के लिए समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है।
विभाग ने शाम तीन बजे इस संबंध में बुलेटिन जारी करके बताया कि चक्रवात के प्रभाव की वजह से दक्षिणपूर्वी अरब सागर, लक्षद्वीप क्षेत्र और पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर निम्न दबाव वाला क्षेत्र बन गया है। मौसम रिपोर्ट में उत्तर मलप्पुरम और कोझिकोड में 12 जून को भारी से भारी बारिश की आशंका जताई है। लगभग एक सप्ताह की अनुमानित देरी के बाद दक्षिण पश्चिमी मानसून ने केरल तट पर शनिवार को दस्तक दे दी।
दक्षिण पश्चिम मानसून ही उत्तर और मध्य भारत सहित देश के अधिकांश इलाकों में लगभग चार महीने तक चलने वाली बारिश की ऋतु का वाहक माना जाता है। जिला कलेक्टर ने उन क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट रहने को कहा है जहां पिछले साल मानसून के दौरान भूस्खलन की घटनाएं हुई थी


Download Android App
Download iOS App



