झारखंड के चाईबासा में बाल संप्रेक्षण गृह से 20 से अधिक बाल बंदी सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर फरार हो गए। उन्होंने सुधार गृह में तोड़फोड़ की और मुख्य गेट का ताला तोड़कर भाग निकले। पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और सभी निकटवर्ती थानों को अलर्ट कर दिया गया है।
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय (चाईबासा) स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर 20 से ज्यादा बाल बंदी भाग गए। यह घटना मंगलवार रात करीब आठ बजे हुई। जानकारी मिलते ही जिले के कई वरीय पदाधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। बाल बंदियों ने सुधार गृह में जमकर उत्पात भी मचाया। उन्होंने मुख्य गेट का ताला और सीसीटीवी कैमरा सहित कई कीमती सामान को तहस-नहस कर डाला। संभावना जताई जा रही है कि भागने वाले बाल बंदियों की संख्या 20 से भी ज्यादा हो सकती है। इनमें से कई बाल बंदी गंभीर संज्ञेय अपराधों के आरोपी हैं। ज्यादातर बंदी इसी जिले के रहने वाले हैं।
सुरक्षाकर्मियों पर बड़ा हमला
बताया गया है कि शाम के वक्त बाल बंदी सुधार गृह के अंदर खेल रहे थे। उनके बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ और इसके बाद आपस में जमकर मारपीट हुई। इसी दौरान उन्होंने अलग-अलग कमरों में घुसकर कुर्सी, टेबल, पंखा सहित कई सामान तोड़ डाले। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्होंने उन पर भी हमला कर दिया। इसके बाद बाल बंदियों का समूह मुख्य गेट पर पहुंचा और सबने मिलकर ताला तोड़ डाला।
बाल बंदियों की तलाश जारी
घटना की जानकारी तत्काल जिले के वरीय अधिकारियों को दी गई। प्रशिक्षु आईपीएस निखिल राय, एसडीपीओ बहामन टुटी, एसडीओ संदीप अनुराग टोपनो और सदर सीओ उपेंद्र कुमार और मुफ्फसिल थाना प्रभारी रंजीत उरांव सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। पुलिस ने भागे बाल बंदियों की तलाश में शहर और आस-पास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू किया है। सभी निकटवर्ती थानों को भी घटना की जानकारी देते हुए अलर्ट किया गया है। राज्य सरकार के समाज कल्याण एवं महिला बाल विकास विभाग की ओर से संचालित यह बाल संप्रेक्षण गृह 1959 में स्थापित हुआ था। विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने इस घटना के संबंध में जिला मुख्यालय से रिपोर्ट तलब की है।


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