मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने नई पीढ़ी में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए ‘बाल कांग्रेस’ का गठन किया है। राज्य में कांग्रेस की नजर उन किशोरों पर है जो आगामी 2 साल के भीतर वोट का हक हासिल करने वाले हैं। राज्य में बाल दिवस के मौके पर प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बाल कांग्रेस का गठन किया है। कमलनाथ राज्य में कांग्रेस की विचारधारा को नई पीढ़ी तक ले जाने की मंशा लगातार जाहिर करते रहे हैं और उन्होंने इसी को ध्यान में रखकर बाल कांग्रेस का गठन किया है।
कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने बाल कांग्रेस में विभिन्न इकाइयों पर जो नियुक्तियां होंगी, उसमें कोई अध्यक्ष नहीं होगा बल्कि कप्तान होगा, ऐसा इसलिए क्योंकि पार्टी में टीम भावना विकसित करने पर खास जोड़ दिया जाएगा। सूत्रों की माने तो बाल कांग्रेस से आगामी एक साल में लगभग पांच लाख किशोरों को जोड़ा जाएगा। यह वह किशोर होंगे जो वर्ष 2023 में मताधिकार का उपयोग करेंगे। बाल कांग्रेस में 16 से 20 साल तक के लोगों को ही शामिल किया जाएगा।
बाल कांग्रेस के गठन को वर्ष 2023 में होने वाले विधानसभा के चुनाव की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस इस विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरु कर चुकी है और उसकी खास नजर उस वर्ग पर है जो पहली बार मतदान में हिस्सा लेगा। इस वर्ग तक कांग्रेस अपनी परंपरा, नीति और देष की आजादी में कांग्रेस के योगदान को बताया जाएगा।


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