मुंबई नगरपालिका प्रमुख प्रवीण परदेशी ने एक छोटी अवधि में मुंबई में इतनी ज्यादा बारिश और इसकी वजह से बनी बाढ़ की हालत के लिए जलवायु परिवर्तन और भौगोलिक स्थिति को जिम्मेदार ठहराया है।
इस साल मानसून विलंब से आया जो कि पिछले 45 साल में सबसे धीमा था। देश की राष्ट्रीय राजधानी में दो दिन में 550 मिमी बारिश हुई जो कि पिछले एक दशक में दो दिन में हुई सबसे ज्यादा बारिश है।
परदेशी ने कहा, ‘‘जलवायु परिवर्तन हो रहा है। कभी भी दो दिनों में एक महीने के बराबर बारिश नहीं हुई थी, जिसका मतलब है कि बारिश ज्यादा हुई, यह एक भौगोलिक घटना है।’’
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने बताया कि बृहन्मुंबई नगरपालिका आयुक्त बड़े स्तर पर बारिश के उतने पानी को बाहर निकाल रहे हैं जिसकी तुलना दुनिया के किसी शहर से नहीं हो सकती।
उन्होंने एक निजी चैनल को बताया, ‘‘ जितनी मात्रा में पानी हमने कृत्रिम स्तर पर यहां से बाहर निकाला है वह पोवई और विहार झील के पेय जल (मुंबई में पानी का स्रोत) के बराबर है।
परदेशी ने बताया कि मुंबई की हर साल होने वाली इस स्थिति के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि शहर में होने वाली बारिश की स्थिति को संभालने के लिए यहां की वर्षा जल निकास प्रणाली जरूरी चीजों से लैस नहीं है।


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