भोपाल : मध्यप्रदेश के 1700 और राजधानी भोपाल के डेढ़ दर्जन से अधिक प्राइवेट स्कूलों के नाम माध्यमिक शिक्षा मंडल ने वेबसाइट से हटा दिए हैं। मंडल की इस कार्रवाई से प्रदेश के लगभग साढ़े चार लाख छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। साथ ही ये छात्र नियमित परीक्षा फॉर्म भी नहीं भर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से कई बार अवसर देने के बावजूद इन स्कूलों ने पिछले कई सालों से संबद्धता शुल्क जमा नहीं किया है। इसी वजह से मंडल ने इन स्कूलों के नाम ब्लॉक कर दिए हैं। हालांकि माशिमं ने इन स्कूलों को आखिरी मौका देते हुए संबद्धता शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 12 अगस्त तक बढ़ा दी है।
माशिमं का कहना है कि जैसे ही स्कूल संचालक समय पर ऑनलाइन शुल्क जमा करेंगे, वैसे ही स्कूल का नाम वेबसाइट पर अपलोड हो जाएगा। वहीं प्राइवेट स्कूल संचालकों का अपनी सफाई में कहना है कि माशिमं ने इस साल संबद्धता शुल्क भी बढ़ा दिया है, जिसकी सूचना निजी स्कूल संचालकों को नहीं दी गई है।
गौरतलब है कि प्रदेश में स्कूलों में दाखिले का दौर जारी है और नामांकन जमा करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है। वहीं 1700 स्कूलों की संबद्धता समाप्त होने से इनमें पढऩे वाले करीब साढ़े चार लाख स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में है। अगर सभी प्राइवेट स्कूल समय रहते संबद्धता शुल्क जमा नहीं करते हैं, तो सभी विद्यार्थी रेगुलर पढ़ाई करने के बावजूद अनियमित हो जाएंगे। इस मामले में स्कूल संचालकों का कहना है कि माशिमं ने नोटिस दिए बगैर स्कूलों की संबद्धता समाप्त कर दी है।


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