महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने शनिवार को कहा कि भाजपा उन्हें पार्टी में शामिल करने के लिए पूरी तरह तैयार थी लेकिन उसकी सहयोगी शिवसेना ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि फिर भी वह शीघ्र ही भाजपा में शामिल होने वाले हैं। शिवसेना के पूर्व नेता पुणे इंटरनेशनल लिटररी फेस्टिवल के एक सत्र में बोल रहे थे।
वह बाद में कांग्रेस में शामिल हो गये थे। राणे ने दावा किया, ‘‘ सब कुछ तय हो गया था, कैबिनेट दर्जा (जो उन्हें मिलने वाला था) भी तय हो गया था लेकिन उसने (शिवसेना ने) कहा कि यदि भाजपा मुझे शामिल करती है तो वह सरकार से बाहर आ जाएगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसा जान पड़ता है कि वह (शिवसेना) मुझसे डरी हुई है।’’ उनसे पूछा गया था कि क्या भाजपा में उनके शामिल होने में शिवसेना ने अड़ंगा डाला था। राणे भाजपा के समर्थन से राज्यसभा के लिए चुने गये थे। उन्होंने कहा, ‘‘ भाजपा ने मुझे निमंत्रण दिया है।
मैंने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है और मैं उसमें शामिल होने जा रहा हूं।’’ उन्होंने कहा कि बाल ठाकरे के निधन के बाद शिवसेना का ‘‘बाघ’’ ‘‘भेड़’’ बन गया है और उसके नेताओं में वैचारिक नैतिकता का अभाव है। राणे का 2005 में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से गहरा मतभेद हो गया था।


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