Navneet Rana on TCS Controversy: नासिक स्थित आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) से जुड़ा एक विवाद इन दिनों चर्चा में है। इस कंपनी के कुछ लोगों पर धर्मांतरण का गंदा खेल करने का आरोप लगा है। इस मामले ने न सिर्फ कॉर्पोरेट जगत, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी बहस छेड़ दी है। इस मामले पर Navneet Rana ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि नासिक और अमरावती मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में शामिल लोगों की नागरिकता तक रद्द करने पर विचार किया जाना चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने यह भी बताया कि अचलपुर में प्रशासन ने आरोपियों के घरों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। राणा ने यह सवाल भी उठाया कि जो लोग धर्मनिरपेक्षता की बात करते हैं, वे इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं। साथ ही उन्होंने पीड़ित महिलाओं से अपील की कि वे डरें नहीं और खुलकर सामने आकर न्याय के लिए आवाज उठाएं। मैं उनके साथ हूं।
Navneet Rana on TCS Controversy: क्या है पूरा मामला?
“हमें टीसीपी नासिक और अमरावती मामले में आरोपियों की भारतीय नागरिकता रद्द कर देनी चाहिए।”
“अचलपुर में अधिकारियों ने आरोपियों के घर गिराना शुरू कर दिया है।”
“धर्मनिरपेक्षता का उपदेश देने वाले चुप क्यों हैं?”
“मैं इन अत्याचारों का शिकार हुई लड़कियों से आग्रह करती हूं: डरो मत। आगे… pic.twitter.com/kSyuLg0ZGh
— ocean jain (@ocjain4) April 16, 2026
यह विवाद तब सामने आया जब TCS के नासिक कार्यालय में काम करने वाली आठ महिला और एक पुरुष कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनके साथ मानसिक और यौन उत्पीड़न किया गया। इसके अलावा उन्होंने यह भी दावा किया कि उन पर कुछ धार्मिक गतिविधियों को अपनाने के लिए दबाव बनाया गया। शिकायत में कहा गया कि उन्हें नमाज पढ़ने, खान-पान की आदतों में बदलाव करने और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की कोशिश की गई।
Company’s Response: कंपनी की प्रतिक्रिया
कंपनी के शीर्ष प्रबंधन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।TCS के चेयरमैन ने बयान जारी कर कहा कि ये आरोप बेहद चिंताजनक हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मामले की सच्चाई जानने के लिए कंपनी ने उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। इस जांच की जिम्मेदारी कंपनी की मुख्य परिचालन अधिकारी Aarthi Subramanian को सौंपी गई है। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच और मुख्य आरोपी
नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) भी इस मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान Nida Khan को कथित रूप से मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर चिन्हित किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने कुछ महिला कर्मचारियों को पहले दोस्ती और प्रेम संबंधों के जरिए अपने जाल में फंसाया। इसके बाद उन पर मानसिक दबाव बनाकर उनका शोषण किया गया। इसके अलावा यह भी सामने आया है कि पीड़ितों को उनके पहनावे और जीवनशैली में बदलाव करने के लिए प्रभावित किया गया, जिससे वे कुछ खास धार्मिक प्रथाओं को अपनाएं।
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