केंद्र की शक्ति का दुरुपयोग कर सकती है BJP पर, AVM के मंत्री खोखली धमकियों से नहीं डरते : मलिक

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नवाब मलिक ने कहा कि बीजेपी केंद्र सरकार की शक्ति का दुरुपयोग कर सकती है, लेकिन महाराष्ट्र का कोई भी नेता पार्टी की “खोखली धमकियों” से नहीं डरता।

महाराष्ट्र में इस समय एक अलग ही ट्रैक की सियासत जारी है। केंद्रीय मंत्री नारायण राणे द्वारा मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लेकर की गई विवादास्पद टिप्पणी के बाद महाराष्ट्र में चल रहे विवादों के दौरे के बीच राज्य में सत्ता साझा करने वाली एनसीपी ने बीजेपी पर महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के मंत्रियों और नेताओं को धमकाने का आरोप लगाया है।
एनसीपी प्रवक्ता एवं राज्य के मंत्री नवाब मलिक ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा कि बीजेपी केंद्र सरकार की शक्ति का दुरुपयोग कर सकती है, लेकिन महाराष्ट्र का कोई भी नेता पार्टी की ‘‘खोखली धमकियों” से नहीं डरता। राणे की टिप्पणी के बाद बीजेपी और सत्तारूढ़ शिवसेना के बीच झड़पों की ओर इशारा करते हुए एनसीपी नेता ने कहा, ‘‘बीजेपी एमवीए मंत्रियों और नेताओं को धमकी दे रही है। वह सत्ता का दुरुपयोग करके झूठे मामलों में शिकायत दर्ज कराकर हमारे नेताओं को जेल भेजने के लिए स्वतंत्र है। इसमें बीजेपी की ओर से कुछ भी नया नहीं है।’’
केंद्रीय मंत्री को मंगलवार दोपहर में महाराष्ट्र के रत्नागिरि जिले से गिरफ्तार किया गया था। राणे को रायगढ़ जिले में सोमवार को उनकी ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के दौरान की गई उनकी टिप्पणी के बाद गिरफ्तार किया गया था। बाद में रायगढ़ की एक अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी। राणे ने अपनी टिप्पणी में दावा किया था कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यह भूल गए कि देश की आजादी को कितने साल हुए हैं। 
राणे ने कहा था, ‘‘यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि आजादी को कितने साल हो गए हैं। भाषण के दौरान वह पीछे मुड़कर इस बारे में पूछते नजर आए थे। अगर मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता।’’ राणे की टिप्पणी और उनके खिलाफ बाद की कार्रवाई को लेकर पूरे महाराष्ट्र में विरोध- प्रदर्शन हुए। शिवसेना और बीजेपी के कार्यकर्ता अलग-अलग आधार पर अपने-अपने प्रतिद्वंद्वी दल के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शिकायत दर्ज करा रहे हैं। 
अफगानिस्तान संकट के बारे में बात करते हुए मलिक ने कहा कि एनसीपी का विचार है कि इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों के बीच एकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली में इस मुद्दे पर एक बैठक में भाग ले रहे पार्टी अध्यक्ष शरद पवार सभी दलों के बीच एकता पर जोर देंगे…सरकार अब तक उठाए गए कदमों का विवरण देगी और बैठक में आगे की राह पर चर्चा करेगी।’’

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