New York Work Visa Fraud: गुजरात के भरूच जिले में एक युवक के साथ विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर दिखाए गए नौकरी के विज्ञापन के झांसे में आकर युवक ने लाखों रुपये गंवा दिए। ठगों ने उसे न्यूजीलैंड में पक्की नौकरी का भरोसा दिलाया, लेकिन बाद में पूरी कहानी फर्जी निकली। अब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
New York Work Visa Fraud: चार लोगों पर धोखाधड़ी का केस

इस मामले में वडोदरा के चार लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर भरूच के 27 वर्षीय युवक हर्ष से करीब 25 लाख रुपये ठग लिए। काफी समय बीत जाने के बावजूद आरोपियों ने पूरी रकम वापस नहीं की। केवल 4 लाख रुपये लौटाए गए, जबकि 21 लाख रुपये अभी भी बाकी हैं। पीड़ित ने मांजलपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
New York Work Visa Fraud Bharuch: इंस्टाग्राम से शुरू हुई बातचीत

हर्ष ने अपनी शिकायत में बताया कि वह एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। लगभग दो साल पहले उसने इंस्टाग्राम पर विदेश में नौकरी से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था। यह विज्ञापन शिवानी जोशी नाम की महिला द्वारा पोस्ट किया गया था। विज्ञापन देखने के बाद हर्ष ने उससे संपर्क किया। बातचीत के दौरान महिला ने उससे जरूरी दस्तावेज और बायोडाटा मांगा, जिसे हर्ष ने तुरंत भेज दिया। कुछ समय बाद उसे नौकरी मिलने की जानकारी दी गई।
किचन हेड की नौकरी का लालच

आरोपी महिला ने हर्ष को बताया कि न्यूजीलैंड में निखिल ठक्कर के बर्गर शॉप में किचन हेड की पोस्ट खाली है। इसके लिए कुल 30 लाख रुपये खर्च होने की बात कही गई। बाद में हर्ष की ऑनलाइन मीटिंग करवाई गई, जिसमें निखिल ठक्कर और विनीत शाह भी मौजूद थे। ज़ूम ऐप के जरिए इंटरव्यू लिया गया और उसे चयनित होने की जानकारी दी गई। इसके बाद उसे एक रोजगार अनुबंध (एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट) भी भेजा गया, जिससे उसे पूरा मामला असली लगा।
किस्तों में लिए गए लाखों रुपये
नौकरी पक्की होने के भरोसे में हर्ष ने अलग-अलग किस्तों में पैसे दिए। उसने पहले 10 लाख रुपये नकद दिए और फिर 10 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। बाद में बाकी रकम भी नकद और बैंक ट्रांसफर के जरिए आरोपियों को दी गई। इस तरह कुल 25 लाख रुपये उनसे ले लिए गए। यात्रा टिकट का खर्च हर्ष ने खुद उठाया।
New York Work Visa: सिंगापुर एयरपोर्ट पर खुली सच्चाई
जब हर्ष न्यूजीलैंड जाने के लिए रवाना हुआ, तो सिंगापुर एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन जांच के दौरान उसके दस्तावेजों की जांच हुई। जांच में उसके कागजात फर्जी पाए गए। ऑकलैंड स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया गया और पूरी जांच के बाद उसे भारत वापस लौटने के लिए कहा गया। तभी उसे एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुका है।
पैसे वापस नहीं मिले, पुलिस में शिकायत
भारत लौटने के बाद हर्ष ने आरोपियों से पैसे वापस मांगे, लेकिन उसे केवल 4 लाख रुपये ही लौटाए गए। लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी बाकी रकम नहीं मिली तो उसने कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया। अब मांजलपुर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की लोगों से अपील
पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर आने वाले विदेश नौकरी के विज्ञापनों पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी एजेंसी या व्यक्ति को पैसे देने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।
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