NGT की सख्ती के बाद मुंबई में नए नियम, आतिशबाजी पर प्रतिबंध, दिवाली पर छोटे पटाखों को अनुमति

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बीएमसी ने दिवाली से पहले पटाखे जलाने और आतिशबाजी करने पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। हालांकि 14 नवंबर को लक्ष्मी पूजा वाले दिन ‘छोटे पटाखे’ जलाने की अनुमति दी है।

दिवाली से पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कड़ा एक्शन लेते हुए दिल्ली-एनसीआर सहित खराब वायु गुणवत्ता वाले राज्यों में 30 नवंबर तक पटाखों पर बैन लगाया है। एनजीटी के इस एक्शन का असर देश के कई राज्यों में दिखाई दे रहा है। 
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने दिवाली से पहले पटाखे जलाने और आतिशबाजी करने पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। हालांकि 14 नवंबर को लक्ष्मी पूजा वाले दिन ‘छोटे पटाखे’ जलाने की अनुमति दी है। उसने कहा कि मुंबईवासी अपने निजी क्षेत्र में अनार और फुलझड़ी जला सकते हैं। 
बीएमसी ने एक परिपत्र में लोगों से दिवाली कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए एहतियात के साथ मनाने का आग्रह किया। राज्य सरकार के दिवाली पर पटाखे ना जलाने की अपील करने के बाद बीएमसी ने यह घोषणा की है। सरकार ने कहा था कि पटाखे जलाने से होने वाले प्रदूषण से कोविड-19 के मरीजों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। 

दिल्ली-NCR सहित खराब AQ वाले राज्यों में 30 नवंबर तक पटाखों पर बैन, एनजीटी ने सुनाया फैसला

एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने महामारी के दौरान वायु प्रदूषण से बचने के लिए बीएमसी से पटाखों पर प्रतिबंध लगाने की संभावना का पता लगाने के लिए कहा था। इसके बाद राज्य के जन स्वास्थ्य मंत्री रोजेश टोपे ने ‘पटाखा मुक्त’ दिवाली का प्रस्ताव रखा। 
हाल ही में कोविड-19 की संभावित दूसरी लहर की तैयारियों के लिए कोविड-19 कार्यबल के वरिष्ठ सदस्यों की समीक्षा बैठक में टोपे ने कहा था कि पटाखे जलाने से फेफड़ों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कई अन्य राज्य भी दिवाली से पहले पटाखे जलाने के संबंध में इस तरह की घोषणा कर चुके हैं। 

Desk Team