नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनआरपी) को लेकर सरकार का मुखर विरोध कर रही तृणमूल कांग्रेस ने इन तीनों मुद्दों पर सोमवार को चर्चा के लिए राज्यसभा में नियम 267 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।
तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने सीएए, एनआरसी और एनआरपी के देश भर में हो रहे विरोध का हवाला देते हुए सोमवार को राज्यसभा में नियम 267 के तहत इन पर चर्चा कराने के लिए नोटिस दिया है। इस नियम के तहत सभी विधायी कामकाज रोककर नोटिस में दिये गये मुद्दों पर चर्चा कराने का प्रावधान है।
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इस नोटिस को स्वीकार करने या न करने का विशेषाधिकार राज्यसभा के सभापति के पास होता है। संसद का बजट सत्र शुक्रवार को शुरू हुआ था और राष्ट्रपति के अभिभाषण तथा बजट पेश किये जाने के बाद दोनों सदनों की कार्यसूची में सोमवार को अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होनी है।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस इन तीनों मुद्दों को लेकर सरकार का विरोध करती रही है। तृणमूल कांग्रेस ने अपने शासन वाले पश्चिम बंगाल की विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर सीएए को राज्य में लागू नहीं करने की बात कही है। केरल, पंजाब और राजस्थान की विधानसभायें भी इस तरह का प्रस्ताव पारित कर चुकी हैं।
सीएए में 31 दिसम्बर 2014 तक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बंगलादेश से धर्म के आधार पर प्रताड़ित होकर भारत आने वाले हिन्दु, सिख, ईसाई, पारसी, बौद्ध और जैन धर्म के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है।


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