समुद्र किनारे स्थित पुरी में रथ यात्रा के दौरान ‘जय जगन्नाथ’ के उद्घोष के बीच श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ खींचे। इस बार करीब सात लाख लोग यात्रा में शामिल होने आए हैं।कोविड-19 महामारी के कारण पिछले दो वर्षों में आम लोगों को रथ यात्रा में भाग लेने की अनुमति नहीं थी। भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के साथ विशाल रथ तलद्वाज, दर्पदलन और नंदिघोष ने 12वीं शताब्दी के जगन्नाथ मंदिर से शाम चार बजे अपनी यात्रा शुरू की और सूर्यास्त से पहले लगभग तीन किलोमीटर दूर श्री गुंडिचा मंदिर में अपने गंतव्य पर पहुंचे।
कई वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए रथ यात्रा में
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने कहा, ‘‘देवता रात भर रथों पर रहेंगे और शनिवार शाम को श्री गुंडिचा मंदिर में अपने जन्मस्थान में प्रवेश करेंगे।’’ रथ यात्रा के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस महानिदेशक एस के बंसल ने कहा, ‘‘कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और भक्तों की भागीदारी से रथ खींचना सुचारू रूप से पूरा हुआ।’’लाखों श्रद्धालुओं के बीच ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डॉ. मुरलीधर ने नंदीघोष रथ खींचे। दो अन्य केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और बिशेश्वर टुडु भी मौजूद थे।


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