भुवनेश्वर : ओडिशा सरकार प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण के 74 मामलों में से एक-तिहाई मामलों का सीधे तौर पर पश्चिम बंगाल से जुड़े होने के कारण चिंता व्यक्त करते हुए राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को प्रदेश में लोगों की आवाजाही को लेकर सतर्क रहने और पिछले 28 दिनों में पड़ोसी राज्य से आए सभी लोगों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने राज्य में पिछले 24 घंटे में सामने आए कोरोना वायरस के 13 नए मामलों में से 10 के पश्चिम बंगाल से जुड़े होने की जानकारी दी है।
राज्य सरकार के कोविड-19 संबंधी प्रवक्ता सुब्रतो बागची ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ प्रदेश सरकार ने सभी जिला कलेक्टर से पश्चिम बंगाल से आने वाले लोगों के संदर्भ में सतर्क रहने को कहा है। राज्य के 74 कोविड-19 मामलों में से कम से कम 24 का पश्चिम बंगाल से नाता है।’’ उन्होंने पश्चिम बंगाल से लौटे भद्रक और जाजपुर के पांच-पांच लोगों की ओर इशारा किया, जो सोमवार को वायरस से संक्रमित पाए गए । बागची ने कहा कि कोविड-19 से संक्रमित लोगों का पता चलना एक अच्छा संकेत है क्योंकि इससे खतरा कम होता है और अनियंत्रित प्रसार रुकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘ इस समय राज्य के लिए चिंता का विषय यह है कि कई लोग पश्चिम बंगाल में काम करते हैं और दोनों राज्यों के बीच उनका आना-जाना है। सबको सतर्क रहने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रविवार को सरपंच और विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों के कार्यकारी अधिकारियों को कलेक्टर की शक्तियां दीं। ये लोग अब पश्चिम बंगाल से आए लोगों का पता लगाएंगे और उन्हें पृथक रखेंगे।’’ इस बीच, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने पश्चिम बंगाल से आए लोगों से कोरोना वायरस की जांच कराने के लिए खुद सामने आने और घर में या अस्पताल में खुद को पृथक रखने की अपील की।


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