बंदर की निकाली गई शवयात्रा, हिंदू रीति रिवाज के साथ हुआ अंतिम संस्कार, जानें क्या है मामला

Summary :

पुलिस कर्मियों को बंदर से लगाव हो गया था और जब उन्होंने उसे मृत पाया तो वन विभाग को उसका शव देने के बजाय उसका अंतिम संस्कार करने का फैसला किया।

जानवर और इंसान के बीच अटूट प्रेम और विश्वास के कई उदाहरण हमारे सामने आते हैं। एक ऐसा ही मामला ओडिशा के जाजपुर जिले से सामने आया है, जहां एक बंदर की मौत पर पुलिस कर्मियों और ग्रामीणों के आंखों से आंसू झलक गए। इतना ही नहीं पुलिसवालों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बंदर की शवयात्रा और हिंदू रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार भी किया।
अधिकारियों ने बताया कि यह बंदर बलिचंद्रपुर पुलिस थाने के परिसर में एक पेड़ पर रहता था। पुलिस कर्मियों को बंदर से लगाव हो गया था और जब उन्होंने उसे मृत पाया तो वन विभाग को उसका शव देने के बजाय उसका अंतिम संस्कार करने का फैसला किया।
पुलिस थाने की प्रभारी बिजयिनी मल्लहा ने कहा, ‘‘बंदर हमारे पुलिस थाने परिसर के एक पेड़ पर रहता था। वह हमारे कर्मियों को अच्छी तरह पहचानता था और उनके इर्द गिर्द घूमता रहता था और हम उसे खाना खिलाते थे।’’ उन्होंने बताया कि अचानक मंगलवार को बंदर मृत पाया गया। वह बूढ़ा और बीमार था। 
उन्होंने बताया, ‘‘उसकी मौत से हमें काफी दुख पहुंचा और वह हमारे लिए परिवार के सदस्य की तरह था इसलिए हमने बढ़िया तरीके से उसका अंतिम संस्कार करने का फैसला किया।’’ उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों ने मृत बंदर पर माल्यार्पण किया, उसे श्रद्धांजलि दी और श्मशान घाट तक उसकी शवयात्रा निकाली जहां हिंदू रीति रिवाज के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया गया।

Desk Team