गुवाहाटी: नगा समझौते में प्रस्तावित ग्रेटर नगालिम में असम की एक इंच जमीन भी नहीं जाने देने की कसम खा प्रदेश कांग्रेस का एक उच्चस्तरीय दल असम नगालैंड सीमांचल में पांच दिन तक पदयात्राओं के लिए निकला है। दल के मुखिया और एपीसीसी अध्यक्ष रिपुन बोरा ने इस मसले पर राज्य के मुख्यमंत्री सोनोवाल की भूमिका पर सवालिया निशान लगाया है।
हालांकि मुख्यमंत्री पहले ही साफ कर चुके हैं कि असम की एक इंच भूमि नगालिम में नहीं जाने देंगे, लेकिन नगालैंड सीमा क्षेत्र से लगे असम के इलाकों की तरफ कूच करने से पहले पत्रकारों के सामने बोरा और उनके साथी नेताओं ने राज्य सरकार की जमकर आलोचना की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और उनके साथ पत्रकार वार्ता में मौजूद कांग्रेस विधायक दल के नेता और उपनेता देवब्रत साइकिया और रकीबुल हुसैन के मुताबिक नगा समझौते को लेकर परिस्थितियों ने काफी संदेह पैदा कर दिया है। दो साल हो गए हैं, लेकिन केंद्र ने समझौते में निहित बातों का खुलासा नहीं किया है। असम के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि उन्हें प्रारूप समझौते में निहित बिंदुओं की जानकारी नहीं है।


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