बढ़ती महंगाई से दुखी जनता त्राहि-त्राहि कर रही है : कमलनाथ

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मोदी और शिवराज सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल-रसोई गैस के दाम निरंतर आसमान को छू रहे हैं।

भोपाल (मनीष शर्मा) मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मोदी और शिवराज सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल-रसोई गैस के दाम निरंतर आसमान को छू रहे हैं , बढ़ती महंगाई से दुखी जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। आज पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार हो चुकी है और डीजल की क़ीमत भी 100 रुपये छूने को बेताब है। जबकि आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में कमी हुई है।
कमलनाथ ने बताया कि पांच राज्यों के चुनावो को देखते हुए 2 माह से ज्यादा समय तक पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई और चुनाव संपन्न होते ही 4 मई से अभी तक 23 बार पेट्रोल-डीजल के दाम में मूल्य वृद्धि की जा चुकी है। इस दौरान पेट्रोल की कीमत लगभग 5.53 प्रति लीटर और डीजल की कीमत लगभग 5.97 प्रति लीटर तक बढ़ चुकी है। कमलनाथ ने कहा कि मोदी सरकार के 7 वर्षों में पेट्रोल की कीमत लगभग 40 रुपये तक बढ़ चुकी है और डीजल की कीमत भी 45 रुपये के लगभग तक बढ़ चुकी है।
इस कोरोना महामारी के दौरान मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर 2.74 लाख करोड़ टैक्स वसूला है, फिर भी जनता को कोई राहत प्रदान नहीं की जा रही है। कमलनाथ ने कहा कि पिछले 5 माह में पेट्रोल डीजल के दामों में तकरीबन 44 बार बढ़ोतरी की गई है।
वर्ष 2014 की बात करें तो उस समय कच्चे तेल का दाम 108 डॉलर प्रति बैरल के लगभग था,तब पेट्रोल का भाव 70 रुपये के आसपास था और डीजल का दाम 57 रुपये के आसपास था और आज जब कच्चे तेल का भाव 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है तो पेट्रोल का दाम 105 रुपये के करीब और डीजल की कीमत 100 रुपये के करीब पहुँच चुकी है।
उन्होंने कहा कि वही रसोई गैस की बात करे तो 410 रुपये में मिलने वाली रसोई गैस आज 800 पार पहुँच चुकी है। आज सबसे महंगे पेट्रोल वाले राज्य में मध्यप्रदेश का नाम शुमार है ,पेट्रोल पर सबसे ज्यादा टैक्स वसूलने में भी मध्यप्रदेश का नाम शीर्ष राज्यों में शामिल है। कमलनाथ ने कहा कि जो लोग चुनाव के पूर्व “अबकी बार-महँगाई से राहत वाली सरकार “ का नारा देते थे, उनके राज में अब यह नारा बदलकर “ अबकी बार- महंगाई से जनता की जान लेने वाली सरकार “ बन चुका है। जो लोग कांग्रेस की सरकार के समय पेट्रोल-डीज़ल
की क़ीमत जब 55-60 रुपये प्रति लीटर के क़रीब थी तो विरोधस्वरुप सायकल चलाते थे ,बैलगाड़ी यात्रा निकालते थे, कार्यालय सायकल से जाने की घोषणा करते थे, आज जब पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमत आसमान छू रही है तो उनकी सायकल पता नहीं कहाँ ग़ायब है, कहां पंचर पड़ी है। कमलनाथ ने कहा कि इस महामारी में देश में आर्थिक स्थिति पहले ही ठप्प पड़ी है, काम-धंधे, व्यापार -व्यवसाय सब चौपट पड़े है , लोग बढ़ती महँगाई से परेशान होकर राहत की मांग कर रहे हैं और ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार हो रही मूल्यवृद्धि से सरकार जनता की कमर तोड़ने का काम कर रही है।
कांग्रेस ने आज देशव्यापी आंदोलन के तहत पूरे देश में पेट्रोल-डीजल-रसोई गैस की कीमतों में राहत प्रदान करने के लिए प्रदर्शन-आंदोलन किये। मध्यप्रदेश में भी पूरे प्रदेश में यह विरोध प्रदर्शन हुए। इसके बाद भी हम चुप नहीं बैठेंगे ,यदि पेट्रोल-डीजल-रसोई पर लगने वाले टैक्सों में कमी कर जनता को राहत प्रदान नहीं की गई तो हम जनहित की इस लड़ाई को ,जनता के साथ मिलकर सतत लड़ते रहेंगे।

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