Raj Thackeray Big Warning: BMC चुनाव की वोटिंग में अब कुछ ही दिन शेष रग गए हैं। इसी बीच मुंबई की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। संयुक्त रैली में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे ने मराठी अस्मिता को लेकर तीखे बयान दिए। खासतौर पर राज ठाकरे के हिंदी और हिंदी भाषी लोगों को लेकर दिए गए बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है।
Raj Thackeray Big Warning: राज ठाकरे का हिंदी पर तीखा बयान
संयुक्त रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोगों पर हिंदी थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हिंदी उनकी मातृभाषा नहीं है और इसे महाराष्ट्र पर जबरन लागू करने की कोशिश की जा रही है। राज ठाकरे ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भाषा से नफरत नहीं है, लेकिन भाषा थोपे जाने का वह विरोध करते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर जबरदस्ती की गई तो मैं आपको लात मारूंगा। उनके इस बयान पर रैली में मौजूद भीड़ ने तालियां बजाईं।

BMC Election 2026: मराठी अस्मिता को चुनाव से जोड़ा
राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव को मराठी पहचान से जोड़ते हुए कहा कि यह मराठी लोगों के लिए बेहद अहम चुनाव है। उन्होंने दावा किया कि बाहर से आने वाले लोग महाराष्ट्र के संसाधनों और अवसरों पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने मराठी समाज से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि अगर भाषा और जमीन दोनों हाथ से निकल गईं, तो मराठी मानूस का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। राज ठाकरे ने यहां तक कहा कि यह चुनाव मराठियों के लिए “आखिरी मौका” हो सकता है।
Raj Thackeray News: हिंदी अनिवार्यता और त्रिभाषा फॉर्मूले पर आपत्ति
राज ठाकरे ने कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को अनिवार्य करने और त्रिभाषा फॉर्मूले को एक साजिश बताया। उनका कहना था कि यह कदम मराठी भाषा को कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने दोहराया कि उनका विरोध हिंदी भाषा से नहीं, बल्कि उसके जबरन थोपे जाने से है।

बीजेपी पर लगाया मुंबई को लूटने का आरोप
दोनों ठाकरे नेताओं ने बीजेपी पर मुंबई को “लूटने” का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बीजेपी मुंबई को गुजरात के आर्थिक प्रभाव में लाने की कोशिश कर रही है। राज ठाकरे ने कहा कि अगर बीएमसी पर उनकी सत्ता होती है, तो शहर की जमीन किसी बड़े उद्योगपति को नहीं बेची जा सकती।
अन्नामलाई के बयान पर उद्धव ठाकरे का हमला
उद्धव ठाकरे ने रैली में कहा कि मराठी मानूस, हिंदू और महाराष्ट्र के हित में उन्होंने अपने पुराने मतभेद भुला दिए हैं। उन्होंने तमिलनाडु बीजेपी नेता के. अन्नामलाई के उस बयान पर भी बीजेपी को घेरा, जिसमें कहा गया था कि बॉम्बे महाराष्ट्र का नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय शहर है। उद्धव ठाकरे ने सवाल उठाया कि क्या बीजेपी मुंबई का नाम फिर से बॉम्बे करना चाहती है।

भ्रष्टाचार के लगाए आरोप
उद्धव ठाकरे ने देवेंद्र फडणवीस सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पिछली शिवसेना-बीजेपी सरकार के दौरान बीएमसी में करीब 3 लाख करोड़ रुपये की अनियमितताएं हुईं। कुल मिलाकर, बीएमसी चुनाव से ठीक पहले मराठी अस्मिता, भाषा और मुंबई की पहचान को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। ठाकरे ब्रदर्स एक बार फिर मराठी वोट बैंक को साधने की कोशिश में नजर आ रहे हैं, जबकि बीजेपी पर लगातार हमले तेज होते जा रहे हैं।


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