मद्रास उच्च न्यायालय ने अप्रैल 2017 में हुए आर के नगर विधानसभा सीट के उपचुनाव को कथित तौर पर मतदाताओं को रिश्वत बांटे जाने की वजह से निरस्त किये जाने के मामले में सीबीआई जांच की द्रमुक उम्मीदवार मरुडु गणेश की याचिका बुधवार को विचारार्थ मंजूर कर ली। न्यायमूर्ति सत्यनारायणन और न्यायमूर्ति आर हेमलता की पीठ ने कार्यवाही में सीबीआई को पक्ष बनाने की प्रार्थना को विचारार्थ स्वीकार कर लिया और एजेंसी को नोटिस जारी कर 11 फरवरी तक जवाब देने को कहा।
गणेश और कुछ अन्य लोगों ने विधानसभा उपचुनाव में रिश्वतखोरी के आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग के साथ अदालत का रुख किया था। मतदान से एक सप्ताह पहले कई जगहों पर आयकर विभाग के छापों के बाद उपचुनाव निरस्त कर दिया गया था। तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभास्कर समेत कई लोगों के ठिकानों पर 7 अप्रैल, 2017 को तलाशी ली गयी।
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तलाशी के दौरान विभिन्न स्थानों से अनेक दस्तावेज जब्त किये गये जिनमें कथित तौर पर विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं को धन बांटने से जुड़ी जानकारी थी। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। हालांकि बाद में उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने उसे खारिज कर दिया था। इसके बाद गणेश ने कई याचिकाएं दाखिल कर मतदाताओं को कथित रूप से रिश्वत दिये जाने के मामले में सीबीआई जांच की मांग की।


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