महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर और मुंबई के मलवानी इलाके में बृहस्पतिवार को विभिन्न समूहों के बीच झड़पें हुईं। शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को दावा किया कि रामनवमी पर महाराष्ट्र एवं अन्य स्थानों पर हुई सांप्रदायिक झड़पें ‘‘सरकार द्वारा प्रायोजित’’ थीं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार इस तनाव के नाम पर महा विकास आघाडी को उसकी रैली के लिए अनुमति नहीं देना चाहती है। राउत ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ये सरकार-प्रायोजित दंगे हैं। महाराष्ट्र और गुजरात में भाजपा की सरकारें हैं और वहां (दोनों राज्यों में) दंगे हुए।’’ जब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे, तो उनके कार्यकाल में रामनवमी शांतिपूर्वक मनायी गई और कोई दंगा नहीं हुआ।’’

व्यापक समर्थन से घबरा गई है
उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए उच्चतम न्यायालय ने कहा कि सरकार शक्तिहीन है और दंगे उसका सबूत हैं।’’ राउत ने आरोप लगाया कि सरकार ने तनाव इसलिए पैदा कराया क्योंकि उसे आगामी चुनावों में हार का डर है और वह उद्धव ठाकरे को मिल रहे व्यापक समर्थन से घबरा गई है। उन्होंने दावा किया कि एकनाथ शिंदे नीत सरकार दंगों के बाद कानून व्यवस्था की समस्या का हवाला देते हुए संभाजीनगर (औरंगाबाद) में महा-गठबंधन की दो अप्रैल की रैली को अनुमति नहीं देना चाहती है।


Download Android App
Download iOS App



