संजय राउत का बयान, मुझे यकीन है कि ममता दीदी को भी भगवान राम में विश्वास

Summary :

संजय राउत ने कहा, “जय श्री राम कहने से किसी की धर्मनिरपेक्षता खतरे में नहीं आएगी। हमारा मानना है कि भगवान राम देश का गौरव हैं।”

‘जय श्री राम’ के नारे लगने के बाद कार्यक्रम में बोलने से इनकार करने पर ममता बनर्जी बीजेपी के निशाने पर आ गई हैं। वहीं शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा कि इस नारे से किसी को नाराज नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यकीन है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता को भी भगवान राम में विश्वास है।
संजय राउत ने कहा, ‘‘देश में किसी को भी ‘जय श्री राम’ कहने से नाराज नहीं होना चाहिए।‘’  उन्होंने कहा, ‘‘जय श्री राम कहने से किसी की धर्मनिरपेक्षता खतरे में नहीं आएगी। हमारा मानना है कि भगवान राम देश का गौरव हैं।’’ राज्यसभा सांसद ने कहा, ‘‘जय श्री राम कोई राजनीतिक शब्द नहीं हैं। यह हमारे विश्वास की बात है और मुझे यकीन है कि ममता दीदी को भी भगवान राम में विश्वास है।’’ 
शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के एक सम्पादकीय में यह भी कहा गया कि कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों द्वारा ‘जय श्री राम’ का नारा लगाए जाने पर बनर्जी को नाराज नहीं होना चाहिए था। उसने कहा, ‘‘बल्कि अगर वह भी उनके साथ शामिल हो जाती, तो बात पूरी तरह पलट जाती। लेकिन हर कोई अपने ‘वोट बैंक’ को रिझाने में लगा है।’’ उसने कहा कि बीजेपी ने बनर्जी की ‘‘कमजोरी’’ पहचान ली है और विधानसभा चुनाव होने तक वह ऐसे संवेदनशील मुद्दों को भुनाता रहेगा। 
सम्पादकीय में अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी पर भी निशाना साधा और उस पर राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी नीत पार्टी को मात देने के लिए तृणमूल नेताओं की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। सम्पादकीय में साथ ही यह भी कहा गया कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी के 18 लोकसभा सीट पर जीत दर्ज करना ममता बनर्जी के लिए चिंता की बात है। उसने कहा, ‘‘ लेकिन ममता बनर्जी बंगाल की शेरनी है, जो हमेशा लड़ती आई हैं और आगे भी लड़ाई जारी रखेंगी।’’ 
उल्लेखनीय है कि शनिवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में ‘जय श्रीराम’ के नारे लगने के बाद ममता बनर्जी ने कार्यक्रम को संबोधित करने से इनकार कर दिया था। ममता ने कहा था कि ऐसा ‘‘अपमान’’ स्वीकार नहीं है। 

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