देश में कोरोना काल में ऑक्सीजन से किसी भी मरीज की मौत नहीं होने के सरकार के दावा करने के बाद विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है। इस बयान को लेकर नेता लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है। बुधवार को शिवसेना संसद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर निशाने साधते हुए कहा कि सरकार के इस बयान से में चकित हूँ। कि ऑक्सीजन की कमी से अपनों को खोने वाले इस बात को सुनकर उनके परिवारों पर क्या बीती होगीं। उन्होंने कहा कि इस बयान को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने पेगासस जासूसी विवाद मामले को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने संयुक्त संसदीय समिति और सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि रविशंकर प्रसाद विपक्ष में होते तो फिर वह भी ऐसी ही मांग कर रहे होते।सच सामने आने दो। कुछ नहीं तो डर क्यों रहे हो।
बता दें कि मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने सदन को बताया कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से ऑक्सीजन के अभाव में किसी भी मरीज की मौत की खबर नहीं मिली है।
उन्होंने यह भी बताया ‘‘बहरहाल, कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की मांग अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई थी। महामारी की पहली लहर के दौरान, इस जीवन रक्षक गैस की मांग 3095 मीट्रिक टन थी जो दूसरी लहर के दौरान बढ़ कर करीब 9000 मीट्रिक टन हो गई।’’


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