मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि अग्निपथ योजना के सरकार को वापस लेनी चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगर मिलने का समय दें तो उनके साथ इस पर चर्चा करेंगे। गवर्नर मलिक ने मीडिया से कहा, देश का सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी है, अग्निपथ स्कीम पर सरकार को दोबारा विचार करना चाहिए। यह योजना बहुत शर्मनाक है, युवाओं को नीचा दिखाएगी और इस योजना से युवाओं का कोई लाभ नहीं होने वाला है। इसलिए इस योजना को वापस लिया जाना चाहिए।
मैं इस मसले पर प्रधानमंत्री से जरूर मुलाकात करना चाहूंगा : मलिक
सरकार योजना को वापस लेने के लिए मना कर रही है। इस सवाल के जवाब पर मलिक ने कहा, सरकार चाहे तो पूरे देश पर रोलर चलवा सकती है। मगर यह योजना गलत है और इसे सरकार को वापस लेना चाहिए। किसानों के बाद अब अग्निपथ योजना पर आवाज उठा रहे हैं, क्या आप पीएम से मुलाकात करेंगे? इस सवाल पर मालिक ने कहा, मैं इस मसले पर प्रधानमंत्री से जरूर मुलाकात करना चाहूंगा। यदि वह मुझे समय दे दें तो, मैं एक संवैधानिक पद पर जरूर हूं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हमने अपनी आत्मा बेच खाई है।
मैं इस मसले पर प्रधानमंत्री से जरूर मुलाकात करना चाहूंगा : मलिक
सरकार योजना को वापस लेने के लिए मना कर रही है। इस सवाल के जवाब पर मलिक ने कहा, सरकार चाहे तो पूरे देश पर रोलर चलवा सकती है। मगर यह योजना गलत है और इसे सरकार को वापस लेना चाहिए। किसानों के बाद अब अग्निपथ योजना पर आवाज उठा रहे हैं, क्या आप पीएम से मुलाकात करेंगे? इस सवाल पर मालिक ने कहा, मैं इस मसले पर प्रधानमंत्री से जरूर मुलाकात करना चाहूंगा। यदि वह मुझे समय दे दें तो, मैं एक संवैधानिक पद पर जरूर हूं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हमने अपनी आत्मा बेच खाई है।
सरकार से मैं इसे तुरंत वापस लेने की ही मांग करूंगा
इस योजना पर आप सरकार से क्या मांग करते हैं? इस पर उन्होंने कहा, सरकार से मैं इसे तुरंत वापस लेने की ही मांग करूंगा, क्योंकि पहले सेना के जवान की बहुत इज्जत हुआ करती थी। इस योजना के बाद उन्हें वो रस्पेक्ट नहीं मिलेगी। तीनों सेनाओं का हौसला गिर जाएंगा। सेना का महत्व खत्म हो जाएगा और जवानों का महत्व खत्म हो जाएगा। सबसे बड़ी खामी यह कि, यह नौकरी सिर्फ चार वर्षो के लिए है, उसके बाद नौजवान सड़क पर आ जाएगा, शादी तक नहीं होगी।
अग्निपथ योगजना
गौरतलब है कि, अग्निपथ योजना भारतीय सशस्त्र बलों से जुड़ी एक ऐसी योजना है, जिसमें साढ़े 17 से 23 साल उम्र तक के नौजवानों को चार साल के लिए ‘अग्निवीर’ के रूप में भर्ती किया जाएगा। चार साल की अवधि पूरी होने पर ये अग्निवीर एक अनुशासित, गतिशील, प्रेरित और कुशल श्रमशक्ति के रूप में अन्य क्षेत्रों में रोजगार पाने के उद्देश्य से अपनी पसंद के पेशे में अपना करियर बनाने के लिए समाज में वापस लौट आएंगे।
इस योजना पर आप सरकार से क्या मांग करते हैं? इस पर उन्होंने कहा, सरकार से मैं इसे तुरंत वापस लेने की ही मांग करूंगा, क्योंकि पहले सेना के जवान की बहुत इज्जत हुआ करती थी। इस योजना के बाद उन्हें वो रस्पेक्ट नहीं मिलेगी। तीनों सेनाओं का हौसला गिर जाएंगा। सेना का महत्व खत्म हो जाएगा और जवानों का महत्व खत्म हो जाएगा। सबसे बड़ी खामी यह कि, यह नौकरी सिर्फ चार वर्षो के लिए है, उसके बाद नौजवान सड़क पर आ जाएगा, शादी तक नहीं होगी।
अग्निपथ योगजना
गौरतलब है कि, अग्निपथ योजना भारतीय सशस्त्र बलों से जुड़ी एक ऐसी योजना है, जिसमें साढ़े 17 से 23 साल उम्र तक के नौजवानों को चार साल के लिए ‘अग्निवीर’ के रूप में भर्ती किया जाएगा। चार साल की अवधि पूरी होने पर ये अग्निवीर एक अनुशासित, गतिशील, प्रेरित और कुशल श्रमशक्ति के रूप में अन्य क्षेत्रों में रोजगार पाने के उद्देश्य से अपनी पसंद के पेशे में अपना करियर बनाने के लिए समाज में वापस लौट आएंगे।


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