सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना काल के बीच पर्युषण पर्व के दौरान मुंबई में 3 जैन मंदिरों को सशर्त खोलने और पर्यूषण प्रार्थना करने की अनुमति दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि मुंबई के किसी भी अन्य मंदिर में प्रार्थना की अनुमति नहीं दी जाएगी।
चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि गणपति महोत्सव के लिए महाराष्ट्र आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से मामले के आधार पर अनुमति लेनी होगी। यह 3 मंदिर मुंबई के दादर, बायकुला और चेंबूर में स्थित है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंदिरों में प्रार्थना कि अनुमति के साथ-साथ COVID-19 से जुड़ी सभी गाइडलाइन्स का पालन करना अनिवार्य है।
कोर्ट ने मंदिरों के प्रबंधक से अंडरटेकिंग माँगा जिसमे साफ तौर पर लिखा हो कि कोरोना को लेकर SOP और सरकार की गाइडलाइन्स का पालन किया जायेगा। सुप्रीम कोर्ट में बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें कोर्ट ने पर्यूषण महोत्सव के लिए अनुमति नहीं देने के राज्य सरकार के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार किया था। श्रद्धालुओं ने 15 से 23 के बीच 8 दिनों के लिए जैन मंदिरों को खोलने की इजाजत मांगी थी।


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