नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में भारत बंद का देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर कोई असर नहीं पड़ा है। हालांकि महाराष्ट्र के कुछ हिस्से पूरी तरह बंद हैं। प्रदेश में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को छोड़कर अन्य प्रमुख राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, एनजीओ आज शाम दक्षिण मुंबई स्थित अगस्त क्रांति मैदान में विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसमें बड़ी संख्या में युवा और छात्र शाामिल हो सकते हैं।
इसी तरह ठाणे, पालघर, पुणे, नासिक, अहमदनगर, औरंगाबाद, बीड, लातूर और प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी सीएए के विरोध में ऐसे ही कार्यक्रम और जनसभाओं को आयोजित करने की योजना है। जहां भाजपा सीएए और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) राज्य में लागू करने की मांग कर रही है, वहीं सत्तारूढ़ शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)-कांग्रेस ने इस पर कोई बयान नहीं दिया है और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ही राज्य इस पर कोई निर्णय लेगा।
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महाराष्ट्र के लगभग 34 साहित्यकारों ने सीएए को वापस लेने की मांग की है और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई को ‘अमानवीय’ बताया है। इन लेखकों में शांता गोखले, सतीश अकलेकर, जयंत पवार, अरुण खोपकर ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता नहीं देने के लिए केंद्र सरकार को संकुचित मानसिकता का बताया है। राज्य में किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए शहर में पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। यातायात और अन्य गतिविधियों पर सीसीटीवी, ड्रोन्स और सशस्त्र कर्मियों द्वारा नजर रखी जा रही है।


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