राकांपा प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को इस सवाल पर चुप्पी साधे रखी कि पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं उनके भतीजे अजित पवार महाराष्ट्र में महा विकास अघाडी सरकार में उपमुख्यमंत्री बनेंगे या नहीं। पवार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कैबिनेट विस्तार पर जल्द ही फैसला करेंगे।
शिवसेना नेता संजय राउत के उस कथित बयान के बारे में पूछे जाने पर कि अजित पवार शिवसेना..कांग्रेस..राकांपा सरकार में तब उपमुख्यमंत्री बनेंगे जब कैबिनेट का विस्तार होगा, राकांपा प्रमुख ने कोई स्पष्टीकरण देने से इनकार कर दिया।
उन्होंने रहस्यमय ढंग से कहा, ‘‘मैंने राउत का बयान पढ़ा है। लेकिन मैं अपनी पार्टी का अध्यक्ष हूं, इसलिए मुझे पता है कि विस्तार में कौन शपथ लेगा।’’ राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शुक्रवार को उच्च न्यायालय के समक्ष दोहराया था कि उसे कथित सिंचाई घोटाले में अजित पवार के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं।
विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर गतिरोध के बीच अजित पवार ने पिछले महीने भाजपा नीत सरकार में उपमुख्यमंत्री के तौर पर शामिल होकर सभी को चौंका दिया था लेकिन वह सरकार मात्र 80 घंटे ही चल पायी थी। यह पूछे जाने पर कि क्या कैबिनेट विस्तार में सामान्य से अधिक समय लग रहा है, शरद पवार ने ना में जवाब दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘हम एक गठबंधन सरकार चला रहे हैं और हमने प्रभारों का पहले ही आवंटन कर दिया है। मुख्यमंत्री विधानसभा के शीतकालीन सत्र (शनिवार को समाप्त हुए) के बाद कैबिनेट विस्तार की घोषणा कर सकते हैं।’’ मनसे प्रमुख राज ठाकरे की उस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा का सरकार बनाने के लिए साथ आना मतदाताओं के साथ धोखा है, पवार ने कहा कि सरकार मात्र 15 दिन पुरानी है और ऐसे समय में ऐसी आलोचना करना उचित नहीं होगा।
राकांपा प्रमुख ने कहा, ‘‘हमें सरकार को काम करने देना चाहिए। जब (शिवसेना नेता) मनोहर जोशी मुख्यमंत्री बने थे, विपक्ष के नेता के तौर पर मैंने उनसे कहा था कि हम सरकार की कम से कम एक वर्ष तक आलोचना नहीं करेंगे।’’ पवार ने यह भी पुष्टि की कि उन्होंने भाजपा के नाराज नेता एकनाथ खडसे से नागपुर में मुलाकात की थी लेकिन यह बताने से इनकार कर दिया कि बैठक में क्या बात हुई।


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