शिंदे ने संभाला कार्यभार, कार्यालय में बाल ठाकरे, दिघे की लगायी तस्वीर

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बृहस्पतिवार को राज्य सचिवालय ‘मंत्रालय’ में आधिकारिक रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया। शिंदे के प्रभार संभालने से पहले भव्य तरीके से सजाए गए मुख्यमंत्री कार्यालय में पूजा की गयी।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बृहस्पतिवार को राज्य सचिवालय ‘मंत्रालय’ में आधिकारिक रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया। शिंदे के प्रभार संभालने से पहले भव्य तरीके से सजाए गए मुख्यमंत्री कार्यालय में पूजा की गयी। उनके कक्ष में शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की बड़ी तस्वीर लगी है और उसके बगल में शिंदे के मार्गदर्शक आनंद दिघे की तस्वीर लगी है।
बाल ठाकरे किसी की संपति नही – दीपक केसरकर प्रवक्ता शिंदे गुट
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शिंदे ने सचिवालय इमारत में प्रवेश करते ही मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज और डॉ. बी आर आंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित की। शिंदे की अगुवाई वाले विधायकों के धड़े के प्रवक्ता दीपक केसरकर ने पत्रकारों से कहा कि बाल ठाकरे किसी की संपत्ति नहीं हैं।
महाविकास अघाड़ी में शिवसेना को दिक्कत हो रही हैं , उद्धव को मनाने की कोशिश की 
उन्होंने उद्धव ठाकरे नीत धड़े द्वारा, शिवसेना के दिवंगत संस्थापक बाल ठाकरे का नाम और तस्वीर शिंदे गुट द्वारा इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताए जाने के बारे में पूछने पर कहा, ‘‘बालासाहेब पूरे राज्य के हैं और कोई इस तथ्य को बदल नहीं सकता।’’ शिवसेना सांसद संजय राउत पर निशाना साधते हुए केसरकर ने कहा, ‘‘राउत, शरद पवार के करीबी हैं, उद्धव जी के बारे में मुझे नहीं पता। जब मुझे लगा कि महा विकास आघाडी (शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस) में शिवसेना को दिक्कतें हो रही हैं तो मैंने उद्धवजी को मनाने की कोशिश की। मैं कभी उनसे मंत्री पद के लिए नहीं मिला।’’
भावना गवली को लोकसभा में सचेतक पद से हटाने पर दीपक ने की उद्धव की आलोचना
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उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने 2014 में मुझे कहा था कि वह मुझे मंत्रिमंडल में शामिल नहीं कर सकते क्योंकि उन्हें शिवसेना के उन नेताओं को पहले प्राथमिकता देनी है, जिन्होंने बालासाहेब के साथ काम किया था। इसलिए मैं उद्धवजी का सम्मान करता हूं।’’ केसरकर ने उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के, लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक के तौर पर भावना गवली को हटाने के फैसले की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे कदम से आप महिलाओं को अपमानित कर रहे हैं। वह पांच बार सांसद रह चुकी हैं, जिन्होंने हमेशा शिवसेना का झंडा बुलंद किया है।’’
गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाले धड़े ने बुधवार को गवली के स्थान पर लोकसभा में शिवसेना के मुख्य सचेतक के तौर पर राजन विचारे को नामित किया।
 

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