महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस (कोविड-19) वैश्विक महामारी के दौरान उद्धव ठाकरे सरकार के खिलाफ भाजपा का विरोध प्रदर्शन पार्टी पर ही उल्टा पड़ेगा। शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में महाराष्ट्र विकास आघाड़ी सरकार के महामारी से निपटने के तरीके की तुलना केरल के मॉडल से करने के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल की आलोचना की।
संपादकीय में कहा गया है, ‘‘ऐसा लगता है कि पाटिल ने केरल मॉडल का अध्ययन नहीं किया है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन केंद्र के दिशा निर्देशों का पालन नहीं करते और उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंस में भाग लेना समय की बर्बादी है।’’ मराठी दैनिक अखबार ने भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र में प्रदर्शन करने के बजाय पाटिल और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस को केरल में प्रदर्शन करना चाहिए।
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उसने सवाल किया, ‘‘अगर विपक्ष को राज्य की चिंता है और उसके पास महामारी से लड़ने के लिए कोई सुझाव है तो उन्हें मुख्यमंत्री के साथ इस पर चर्चा करनी चाहिए। क्या विपक्षी दल को ऐसा करने में शर्म है या वह अपना आत्म विश्वास खो चुका है।’’ संपादकीय में इस बात पर जोर दिया गया है कि राज्य में हर दिन भले ही कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं लेकिन ज्यादातर मरीज संक्रमण से स्वस्थ भी हो रहे हैं।


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