माघ अमावस्या और वसंत पंचमी स्नान के लिए SOP जारी, हरिद्वार आने के लिए पंजीकरण अनिवार्य 

Summary :

जिला प्रशासन ने सोमवार को 11 और 16 फरवरी को पड़ने वाले पर्व स्नानों के लिए ने एसओपी जारी कर दी है।

11 फरवरी को माघ अमावस्या, 16 को वसंत पंचमी और 27 फरवरी को माघ पूर्णिमा का स्नान है। तीनों पर्वों पर हरिद्वार में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। तीनों स्नान पर्वों की जिला, मेला और पुलिस प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला प्रशासन ने सोमवार को 11 और 16 फरवरी को पड़ने वाले स्नानों के लिए एसओपी जारी कर दी है। 
एसओपी के मुताबिक श्रद्धालुओं को 72 घंटे पहले की कोविड-मुक्त होने की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट लानी होगी। बिना रिपोर्ट वाले श्रद्धालुओं को बॉर्डर से लौटा दिया जाएगा। साथ ही पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। इसमें कोविड-19 से बचाव के लिए सरकार की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर और हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया गया है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को अधिकारियों से 2021 के हरिद्वार कुंभ मेला में एक विशेष कोविड अधिकारी तैनात करने को कहा। इस आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए, रावत ने कुंभ मेला के अधिकारियों और गढ़वाल आयुक्त को क्रमशः दो करोड़ रुपये और पांच करोड़ रुपये तक के कामों को मंजूरी देने के लिए अधिकृत किया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ से जुड़े कार्यों को मंजूरी देने के लिए गढ़वाल के आयुक्त की मदद के वास्ते अनुभवी इंजीनियरों और वरिष्ठ वित्तीय अधिकारियों की एक समिति बनाई जाए। 

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