मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के ओंकारेश्वर मदिंर में महाशिवरात्रि के ठीक पहले यहां के झूला पुल के सस्पेंडर का तार टूट गया है। हालांकि पुल को कोई बड़ी क्षति नहीं होने का दावा अधिकारियों ने किया है। उनका यह भी कहना है कि पुल पर क्षमता से अधिक भार होने के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई है। बता दें कि पुल को अभी बंद नहीं किया गया है। अधिकारियों ने लोगों को पुल के ऊपर से अधिक संख्या में न जाने की सलाह दी है।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
आज सुबह इस घटना की जानकारी लगने के बाद प्रशासन ने इस पुल पर अभी आवगमन रोका नहीं है, लेकिन यहां भीड़ को नियंत्रित कर सीमित संख्या में लोगो को यहां से निकलने के निर्देश जारी किये हैं। देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक ओम्कारेश्वर में मुख्य मंदिर तक पहुंचने के लिए नर्मदा नदी को पार कर जाना होता है। इसके लिए यहां दो पुल बने हैं, जिसमे एक पुराना पुल है। वह तो मजबूती से खड़ा है, लेकिन कुछ ही वर्षो पूर्व एनएचडीसी द्वारा यहां झूला पुल का निर्माण कराया गया है। उसी की एक रस्सी टूटने से चिन्ता बढ़ है।
पुल टूटने की वजह आई सामने
ओम्कारेश्वर बांध परियोजना के महाप्रबंधक सिविल अशोक पाटीदार ने बताया कि झूला पुल का एक तार टूट गया है, हमने तुरंत यहां आकर अपने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि झूला पुल के जो सस्पेंडर्स है, उसमे जो पहला सस्पेंडर है वो टूट गया है। रात में पुल पर ज्यादा भीड़ होने के कारण इसका टूटना प्रतीत होता है। झूला पुल की केबल्स इन्टेक्ट है, इसलिए झूला पुल को बहुत अधिक क्षति नहीं हुई है। हमने सस्पेंडर्स के फोटो लेकर इसके एक्सपर्ट को भेजे हैं। पाटीदार ने बताया कि आज-कल में एक्सपर्ट आकर अपनी राय देंगे उसके बाद तुरंत रिपेयर कर दिया जायेगा। स्थानीय प्रशासन से निवेदन किया है कि लिमिटेड स्थिति में इस पर यातायात चालू रखें। पूरे झूला पुल पर भीड़ में लोग चलकर जाते थे। अभी एक-दो लाइन में ही लोग चले इसका आग्रह कर रहे है। पुल क्षमता 500 किलो प्रति वर्ग मीटर है उस क्षमता से अधिक लोड होने के कारण ये हादसा हुआ है। इसका मेंटेनेंस दो वर्ष पहले हुआ था और लगातार हम इसका निरिक्षण करते रहते है।


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