द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के नेता व सांसद आर.एस.भारती ने आर्थिक आधार पर आरक्षण को चुनौती देते हुए शुक्रवार को मद्रास उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की। संसद ने सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए एक संविधान संशोधन पारित कर दिया है।
भारती ने तर्क दिया है कि यह आरक्षण असंवैधानिक है और संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन है। उनके अनुसार, आरक्षण की अवधारणा आर्थिक स्थिति के संदर्भ में नहीं है, बल्कि इसका संदर्भ व्यक्ति के समुदाय से है, ताकि समुदाय को शिक्षा व रोजगार की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके।


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