करोड़ों रुपये के पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) भर्ती में अनियमितता घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अर्पिता मुखर्जी के आठ बैंक खातों में 8 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता लगाया है। केंद्रीय एजेंसी ने इन खातों को फ्रीज कर दिया है। ईडी के सूत्रों ने कहा कि अब वे इन बैंक खातों में दोतरफा धन के निशान को ट्रैक करने की कोशिश कर रहे हैं, पहला स्रोत जहां से इन खातों में इतनी बड़ी राशि स्थानांतरित की गई और दूसरा जहां इस तरह के धन को नियत समय में स्थानांतरित किया गया था।
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वही, एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा, ‘अगस्त तक अर्पिता मुखर्जी और पार्थ चटर्जी की हिरासत के इस चरण के शेष दिनों में हम इस मुद्दे पर उनसे पूरी तरह से पूछताछ करेंगे। यदि आवश्यक हुआ, तो इन खातों का फोरेंसिक ऑडिट भी किया जाएगा।’ हालांकि, रविवार की दोपहर में जब चटर्जी को कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके जोका में ईएसआई अस्पताल ले जाया गया, पूर्व मंत्री ने दावा किया कि उनके पास कोई पैसा नहीं है।
90 लाख रूपये के सोने के गहने किए बरामद
हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि बरामद की गई भारी नकदी और सोने का असली मालिक कौन है, तो उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ईडी ने 23 जुलाई को दक्षिण कोलकाता के टॉलीगंज में डायमंड सिटी हाउसिंग कॉम्प्लेक्स स्थित अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट से 31.20 करोड़ रुपये की भारतीय मुद्रा, लगभग 60 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा और 90 लाख रुपये के सोने के गहने बरामद किए।
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ईडी के अधिकारियों ने 28 जुलाई को फिर से बेलघरिया में उसके एक अन्य फ्लैट से 27.90 करोड़ रुपये की भारतीय मुद्रा और बार और गहनों में कुल 6 किलो सोना जब्त किया। ईडी के अधिकारी पहले ही दावा कर चुके हैं कि जो कुछ भी बरामद हुआ है, वह करोड़ों रुपये के घोटाले में वास्तविक वित्तीय संलिप्तता का एक छोटा सा हिस्सा है। अर्पिता मुखर्जी के अलावा, पार्थ चटर्जी के दामाद कल्याणमय भट्टाचार्य और उनके मामा कृष्ण चंद्र अधिकारी इनमें से कुछ कंपनियों के निदेशक पाए गए।


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