इसे ध्यान में रखते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों और प्रखंडों को टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट की तर्ज पर कदम उठाने के लिए अलर्ट कर दिया है। झारखंड में सक्रिय कोविड-19 मामलों की संख्या 10 तक पहुंच गई है, जबकि एच3एन2 इन्फ्लूएंजा के दो मामले भी सामने आए हैं। स्वास्थ्य कर्मियों को मास्क पहनने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने व कोविड प्रोटोकाल का पालन करने के लिए कहा गया है। एच3एन2 इन्फ्लुएंजा का पहला मामला शनिवार को जमशेदपुर में, जबकि दूसरा रविवार को रांची में सामने आया। पहले मामले में 68 वर्षीय एक महिला वायरस से संक्रमित पाई गई थी, जिसका इलाज टाटा मेन अस्पताल में चल रहा है।

निगरानी विभाग द्वारा घर पर ही आइसोलेट कर दिया
पूर्वी सिंहभूम स्थित सिविल सर्जन जुझार मांझी के मुताबिक लक्षण दिखाने वाले छह मरीजों के सैंपल जांच के लिए माइक्रो वायरोलॉजी लैब भेजे गए थे, इसमें महिला मरीज में इंफ्लूएंजा की पुष्टि हुई। उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद, उसके परिवार के चार सदस्यों को जिला निगरानी विभाग द्वारा घर पर ही आइसोलेट कर दिया गया है और उनके नमूने लिए गए हैं। मांझी ने कहा कि महिला मरीज का कोई यात्रा इतिहास नहीं है। दूसरे मामले में इन्फ्लूएंजा से संक्रमित एक बच्ची का रांची के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि ऑक्सीजन थेरेपी से उसका इलाज किया जा रहा है।
आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है
राज्य में शनिवार को पांच नए कोविड-19 मामले मिले। इनमें से दो मरीज रांची, दो पूर्वी सिंहभूम और एक देवघर का है। बढ़ते मामलों को देखते हुए रांची सदर अस्पताल में 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है, इसमें ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, हाई फ्लो नेजल कैन्युला (एचएफएनसी) डिवाइस आदि की व्यवस्था की गई है। रिम्स प्रबंधन के मुताबिक संस्थान में आइसोलेशन वार्ड में 24 बेड भी रखे गए हैं। राज्य में 23 फीसदी लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक कोविड वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं ली है। इधर, स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र से बच्चों के टीकाकरण के लिए कोवोवैक्स वैक्सीन की डोज उपलब्ध कराने की मांग की है।


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